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Ujjain Chintaman Ganesh Temple: उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर, जहां भगवान राम ने वनवास के दौरान गणेश प्रतिमा स्थापित की थी. जानें इस स्वयंभू मंदिर की महिमा…
हिंदू धर्म के मान्यताओं के अनुसार इस गणेश मंदिर में भगवान चिंतामण गणेशजी की स्थापना स्वंय भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान की थी. भगवान गणेश के इस प्रसिद्ध मंदिर के गर्भगृह में 3 प्रतिमाएं स्थापित हैं. जहां पहला चिंतामण, दूसरा इच्छामन और तीसरा सिद्धिविनायक की प्रतिमा है. इच्छामन और सिद्धिविनायक की स्थापना लक्ष्मण जी और माता सीता ने की थी. जबकि चिंतामण का भगवान श्री राम ने की. इस मंदिर में दर्शन पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है.
पुजारी गणेश गुरु नें बताया कि चिंतामणि गणेश जी सभी श्रद्धालुओं की सुनते हैं. इस वजह से इस मंदिर की मान्यता और भी बढ़ जाती है. मान्यता है कि भगवान राम की यहां चिंता दूर हुई थी. लक्ष्मण जी की इच्छा पूर्ण हुई और माता सीता का कार्य सिद्ध हुआ था. इसके बाद से इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
महादेव ने भी की चिंतामण की पूजा
पुजारी ने बताया कि यहां मंदिर में भगवान गणेश जी का नाम चिंतामण इसलिए रखा गया है, क्योकिं वह यहां आने वाले श्रद्धालुओं की चिंता दूर करते हैं. बताया जाता है कि पुराने समय में भगवान शिव शंकर ने भी इस मंदिर में पूजन किया था. इसके बाद से ही शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाने लगी. इसके बाद से उज्जैन के वासी इस परंपरा को लेकर चले आ रहे हैं. इस वजह से श्रद्धालु शुभ कार्यों में गणेश जी को निमंत्रण अवश्य भेजते हैं.
10 दिवसीय लगेगा सवा लाख लड्डू का भोग
पुजारी ने बताया कि रोजाना यहा लाखों श्रद्धांलु आते है. हर साल की तरह इस वर्ष भी गणेश चतुर्थी से लेकर गणेश विसर्जन तक यहा सवा लाख लडू का भोग प्रसाद वितरण किया जाएगा.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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