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Agriculture News: किसानों के लिए इंटरक्रॉपिंग तकनीक इस सीजन में डबल मुनाफा दिला सकती है. आलू के साथ गन्ना, सरसों, अलसी या प्याज की खेती करने से खेत की उत्पादकता बढ़ती है और कीट नियंत्रण भी होता है.
उद्यानिकी विभाग ने दी सलाह
लोकल 18 से बातचीत में उद्यानिकी विभाग की आरईएचओ मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में कई किसान इंटरक्रॉपिंग अपनाकर बेहतर लाभ कमा रहे हैं. उन्होंने कहा कि गन्ने की बुवाई का समय भी आलू की खेती के साथ मेल खाता है. ऐसे में किसान गन्ने के पौधों के बीच खाली जगह का उपयोग आलू लगाने में कर सकते हैं. इससे खेत का हर इंच जमीन उपजाऊ बनेगा और खरपतवार की समस्या भी लगभग खत्म हो जाएगी.
विशेषज्ञों के अनुसार आलू के साथ गन्ना तो बेहतरीन विकल्प है ही इसके अलावा सरसों, अलसी और प्याज जैसी फसलें भी आलू के साथ आसानी से पनपती हैं. दो फसलों को एक साथ उगाने से किसानों की आमदनी बढ़ती है और खेत की उत्पादकता दोगुनी हो जाती है. इतना ही नहीं इंटरक्रॉपिंग से कीट और बीमारियों का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है.
जैविक खाद और नीम अर्क का महत्व
उन्होंने बताया कि इंटरक्रॉपिंग के दौरान किसानों को जैविक खादों जैसे वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करना चाहिए. साथ ही नीम सीड कर्नेल एक्सट्रैक्ट (नीम के बीज की गिरी से बना अर्क) प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में बेहद प्रभावी है. यह कीटों के जीवन चक्र को बाधित करता है और खेत को कीड़ों व वायरस से सुरक्षित रखता है.
किसानों को डबल फायदा
इंटरक्रॉपिंग तकनीक न केवल फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि खेत की उत्पादकता बढ़ाकर किसानों को डबल फायदा पहुंचाती है. सतना और आसपास के किसानों के लिए यह तकनीक इस सीजन में आजमाने लायक साबित हो सकती है.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
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