राघवेन्द्र सिंह मीणा को भोपाल शहर और राम मेहर को भोपाल ग्रामीण किसान कांग्रेस का जिला अध्यक्ष बनाया है।
किसान कांग्रेस ने मप्र में 31 जिलों के अध्यक्ष घोषित किए हैं। मप्र किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान ने भोपाल शहर में राघवेन्द्र सिंह मीणा और भोपाल ग्रामीण में राम मेहर को अध्यक्ष बनाया है। 24 जिलों के अध्यक्षों की घोषणा बाकी है।
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ये बने किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष
- इंदौर जीतू ठाकुर
- देवास विश्वजीत सिंह चौहान
- भोपाल शहर राघवेन्द्र सिंह मीणा
- भोपाल ग्रामीण राम मेहर
- दमोह अमर सिंह लोधी
- छिंदवाड़ा पुष्पेन्द्र सिंह लोधी
- पन्ना हरनाम सिंह राठौर
- मुरैना जीतेंद्र डंगस
- श्योपुर यशवंत मीणा
- राजगढ़ भगवान सिंह बागड़ी
- नरसिंहपुर संतोष पटेल
- सतना संतोष पांडे
- मंडला उमाकांत पटेल
- सीधी प्रभुलाल पाण्डेय
- बड़वानी सिलदार सोलंकी
- मंदसौर ललित चंदेल
- खरगोन परसराम पाटीदार
- बुरहानपुर मुकेश महाजन
- शिवपुरी पुरुषोत्तम रावत
- निवाड़ी आशाराम कुशवाह
- बालाघाट भूरा पटेल
- मंडला अखिलेश सिंह ठाकुर
- उज्जैन अशोक जाट
- रायसेन ठाकुर रंजीत रघुवंशी
- बैतूल जगदीश गोचरे
- विदिशा विनीत दांगी
- ग्वालियर सुरेन्द्र सिंह गुर्जर
- मैहर पुष्पराज सिंह
- नर्मदापुरम विजय बाबू चौधरी
- अनूपपुर रामनारायण सिंह
- शिवपुरी इन्द्रवीर सिंह गुर्जर
किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान ने दैनिक भास्कर से चर्चा की…
सवाल:31 जिले ही क्यों घोषित हो पाए, क्या कहीं कोई दिक्कत है? धर्मेन्द्र: अभी 31 जिले के अध्यक्ष घोषित किए हैं। 24 जिले बचे हैं एक हफ्ते में ये भी घोषित हो जाएंगे। कहीं कोई दिक्कत नहीं हैं। लगभग सूची तैयार हो गई है। मंथन चल रहा है। एक हफ्ते में सूची जारी कर देंगे।
सवाल: किसान कांग्रेस ने आगे के लिए क्या रोडमैप बनाया है? धर्मेन्द्र: मप्र में किसानों को सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। लैंड पूलिंग एक्ट हो, खाद की कमी हो किसानों के सामने तमाम समस्याएं खड़ी हैं। जिलाध्यक्ष घोषित होने के बाद पूरे प्रदेश को लेकर रणनीति बनाएंगे। और किसानों से संबंधित समस्याओं को लेकर व्यापक आंदोलन मप्र में छेडेंगे।
सवाल: मुख्यमंत्री जी ने भी समीक्षा की है। सरकार कह रही है कि खाद का संकट नहीं हैं? धर्मेन्द्र: खाद का संकट नहीं हैं। ये खाद घोटाला है। सरकार और भाजपा के लोग मिलकर पूरे मप्र में कालाबाजारी का माहौल बना हुआ है। 266 रुपए की यूरिया की बोरी 450 से 600 रुपए में बिक रही है। मैंने बुधनी विधानसभा का दौरा किया, जहां से शिवराज जी केन्द्र में कृषि मंत्री हैं। उनके क्षेत्र में 500 रुपए में यूरिया की बोरी और 1700 रुपए में खाद की बोरी मिल रही है?
सवाल: कांग्रेस क्या करने वाली है? धर्मेन्द्र: जहां भी कालाबाजारी हो रही है उनको बेनकाब करेंगे। सबको पता है किसानों ने उनको नहीं चुना वो पर्ची से मुख्यमंत्री जी बने हैं। वो उद्योगपतियों के मुख्यमंत्री हैं। ये साबित करता है कि आज जिस तरीके से आठ-दस दिन से महिलाएं, बहनें बच्चियां खाद की लाइन में लगीं हैं। ऐसा समय मप्र में पहले कभी नहीं आया।
हम सारे वितरण केन्द्रों पर जाएंगे जिला मुख्यालयों पर घेराव करेंगे। उसके बाद भी स्थिति ठीक नहीं होती तो सभी जिलों के किसान और कार्यकर्ता भोपाल में इकट्ठे होकर व्यापक आंदोलन करेंगे।