Who is IFS Neha Srivastava: कौन हैं DFO नेहा श्रीवास्तव?
नेहा श्रीवास्तव एक तेज-तर्रार IFS अधिकारी हैं जो मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली हैं.उनका जन्म 2 मार्च 1990 को हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा आरके मिशन देवघर से हुई. इसके बाद उन्होंने डीयू पाटिल कॉलेज से बीटेक किया.नेहा ने बायोटेक्नोलॉजी में B.Tech किया है और नेहा श्रीवास्तव ने 2015 की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की भारतीय वन सेवा परीक्षा यानि आईएफएस (IFS) में 12वां स्थान हासिल किया.
IFS Neha Srivastava: मध्य प्रदेश IFS की लिस्ट में नेहा श्रीवास्तव का नाम.
Who is IFS Adhar Gupta: कौन हैं DFO अधर गुप्ता?
नेहा की शादी अधर गुप्ता से हुई है.अधर गुप्ता भी 2016 बैच के DFO अधिकारी हैं.अधर अलीगढ़, यूपी के रहने वाले हैं.उनका जन्म 30 अगस्त 1990 को हुआ और उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में B.Tech किया है.वह 9 मार्च 2022 से बालाघाट के रेंजर कॉलेज में DCF इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं. नेहा को एक साहसी अधिकारी के रूप में जाना जाता है जो जंगल की सुरक्षा और वन्य जीवों के लिए हमेशा आगे रहती हैं,लेकिन इस बार वो अपने पति को घेरे में देखकर खुद मोर्चा संभाल रही हैं.
how to become ifs officer: कैसे बनते हैं IFS अधिकारी?
UPSC Age Limit: कितनी होनी चाहिए उम्र?
इस परीक्षा में बैठने के लिए आपकी उम्र कम से कम 21 साल और ज़्यादा से ज्यादा 32 साल होनी चाहिए.आरक्षण वालों को छूट मिलती है.पढ़ाई की बात करें तो आपके पास ग्रेजुएशन में खास विषय जैसे कृषि,वानिकी,इंजीनियरिंग,पशुपालन,बायोलॉजी,केमिस्ट्री,मैथ्स,फिजिक्स,जूलॉजी वगैरह होना चाहिए.इसके साथ ही फिजिकल फिटनेस टेस्ट भी जरूरी होता है.परीक्षा पास करने के बाद पहले मसूरी (LBSNAA) में फाउंडेशन ट्रेनिंग होती है और फिर देहरादून के इंदिरा गाँधी नेशनल फॉरेस्ट अकैडमी (IGNFA) में करीब 20 महीने की खास ट्रेनिंग होती है.इसके बाद आपको किसी राज्य का कैडर मिल जाता है.
DFO Kaise bante hain: कैसे बनते हैं DFO?
Who is MLA Anubha Munjare: कौन हैं MLA अनुभा मुंजारे?
अनुभा मुंजारे मध्य प्रदेश की कांग्रेस पार्टी से बालाघाट विधानसभा की MLA हैं.वह एक जमीनी नेता के रूप में जानी जाती हैं जो आदिवासी इलाकों में वन अधिकारों, पर्यावरण और स्थानीय मुद्दों पर जोर देती हैं. अनुभा ने कई बार विधानसभा में जंगल और वन्य जीवों से जुड़े सवाल उठाए हैं.वो खुद को लोगों की आवाज बताती हैं और कहती हैं कि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ती हैं, लेकिन इस मामले में वो खुद आरोपों के घेरे में आ गई हैं. अनुभा ने नेहा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि ये सब उनके खिलाफ साजिश है, क्योंकि वो DFO अधर गुप्ता पर कार्रवाई की मांग कर रही थीं. अनुभा ने यहां तक कहा कि वो नेहा के खिलाफ हाईकोर्ट में मानहानि का केस करेंगी और जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेगी.
बाघिन की मौत पर विधायक ने उठाया सवाल
नेहा ने लगाए रिश्वत मांगने के आरोप
इसके बाद नेहा श्रीवास्तव ने 16 अगस्त को PCCF (प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट) को एक पत्र लिखा जो वायरल हो गया.इसमें नेहा ने आरोप लगाया कि MLA अनुभा ने उन्हें फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में बुलाया और वहां 2-3 पेटी यानी 2-3 लाख रुपये की घूस मांगी.नेहा के मुताबिक जब उन्होंने मना किया तो MLA ने गालियां दीं.परिवार को धमकाया और कहा कि जिले में किसी DFO को टिकने नहीं देंगी. नेहा ने ये भी कहा कि MLA के निजी सहायक व उनके भतीजे ने उनसे अभद्रता की. नेहा का दावा है कि ये सब उनके पति अधर पर दबाव बनाने के लिए था ताकि वो बाघिन मौत केस में कार्रवाई न करें.नेहा ने पत्र में अपनी सुरक्षा और विभागीय काम में बाधा रोकने की मांग की.
अनुभा ने बताया झूठा
विधायक अनुभा ने तुरंत पलटवार किया. उन्होंने कहा कि नेहा के आरोप झूठे हैं वो पति को बचाने के लिए ओछी हरकत कर रही हैं. बैठक में वन विभाग के दूसरे अधिकारी भी थे और वहां जंगल सुरक्षा पर बात हुई थी.कोई घूस की मांग नहीं. अनुभा ने नेहा पर बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि वो 2.5 लाख वोटर्स की चुनी हुई MLA हैं, ऐसे में ये अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगी.इस पत्र के वायरल होने के बाद 3 सितंबर को मध्य प्रदेश वन विभाग ने दो सदस्यीय जांच कमिटी बनाई जिसमें अपर PCCF कमलिका मोहंता और वन संरक्षक अंजना सुचिता तिर्की शामिल हैं.कमिटी को 2 हफ्तों में रिपोर्ट देनी है.