शनिवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस के साथ जेब में हाथ डालकर दिखाई दिया अमित खरे।
जबलपुर में खबर छापने से नाराज एक अस्पताल संचालक ने गुर्गों के साथ मिलकर एक पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया। करीब एक सप्ताह से फरार मास्टरमाइंड अमित खरे को पुलिस ने सागर से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी साली के घर पर छिपकर रह रहा था। इससे पहले गढ़ा थान
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दरअसल अमित खरे के अस्पताल में मरीजों के साथ हो रहे खिलवाड़ और इलाज के नाम पर अधिक वसूली की जा रही थी, जिसकी जानकारी पत्रकार सुनील सेन को लगी तो उन्होंने अपने पोर्टल में एक के बाद एक खबर छापी।
जिससे नाराज होकर आरोपी अस्पताल संचालक ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर लाठी, डंडे से मारपीट की और सड़क पर गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने सुनील को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था।
पत्रकार सुनील की हालत अब खतरे से बाहर है। शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
विवादों में रहा है अमित खरे का अस्पताल
शहर के सूपाताल सहित अलग-अलग इलाकों में अमित खरे ने कई बार अलग-अलग नामों से अस्पताल खोले, लेकिन हर बार लापरवाही और गलत इलाज को लेकर यह अस्पताल सुर्खियों में रहा है। हाल ही में पत्रकार सुनील को पता चला कि अस्पताल में मरीजों के साथ मारपीट की जाती है, बाइपास पर खड़े होकर एम्बुलेंस को रोका जाता है और जबरन मरीजों को अपने अस्पताल ले जाया जाता है। जो ड्राइवर बात नहीं मानते, उनके साथ मारपीट और धमकी देने का काम किया जाता था।
पत्रकार ने जब उसके अवैध कामों के खिलाफ लिखना शुरू किया तो पहले अमित खरे ने उसे धमकाया। इस पर बात नहीं बनी तो अपने साथियों के साथ मिलकर सरेराह मारपीट की।

स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक ने करवाया था पत्रकार पर हमला।
साले के साथ मिलकर बनाया प्लान
सुनील सेन ने जब अमित खरे की बात नहीं मानी तो उसने अपने साले तरुण ठाकुर, मोनू खटीक, राज उपाध्याय और यशवंत के साथ मिलकर जान से मारने का प्लान बनाया। 29 और 30 तारीख की दरमियानी रात पत्रकार सुनील जब किसी काम से वापस बाइक से घर लौट रहा था, तभी सिंघई पेट्रोल पंप के पास घात लगाए बैठे अमित खरे ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया।
इस घटना में सुनील के सिर, हाथ और कमर में गंभीर चोटें आईं। सुनील ने पुलिस को बताया कि पिस्टल, लाठी और बेसबॉल से लैस बदमाशों ने हमला किया था। हालांकि उन्होंने फायरिंग नहीं की।
साली के घर छिपा मिला आरोपी अमित
घटना की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में पत्रकार और गढ़ा पुलिस घायल सुनील का हाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। बयान दर्ज करने के बाद गढ़ा थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा लगाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। घटना के दो दिन के भीतर पुलिस ने मोनू और राज को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मास्टरमाइंड अमित दो अन्य साथियों के साथ फरार था।
शुक्रवार की रात जानकारी मिली कि अमित सागर में अपनी साली के घर पर छिपा हुआ है। तुरंत पुलिस मौके के लिए रवाना हुई और अमित खरे को हिरासत में लेकर जबलपुर लाई। पुलिस ने आज अमित को कोर्ट में पेश करते हुए रिमांड मांगी, जहां से उसे पूछताछ और घटना में प्रयुक्त कार के संबंध में एक दिन की रिमांड पर लिया गया।

पत्रकार पर हमला करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
दो अन्य हैं फरार- तलाश जारी
सीएसपी गढ़ा आशीष जैन ने बताया कि सुनील सेन पर हमला करने वाले पांच में से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तरुण, जो अमित का साला है और यशवंत अभी फरार हैं। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही है और जल्द ही वे भी गिरफ्त में होंगे। घायल पत्रकार की हालत अब खतरे से बाहर है, शनिवार को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

सीएसपी ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपी भी गिरफ्त में होंगे।