झाबुआ में एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज को मेडिकल कॉलेज में बदलने के प्रस्ताव का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध किया है। RGPV के कुलपति ने कॉलेज को 60 करोड़ रुपए में मेडिकल कॉलेज के लिए देने का प्रस्ताव रखा है। ABVP ने चेतावनी दी कि जनजा
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विभाग को लिखा पत्र ABVP का कहना है कि आंदोलन का असर यह रहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को तत्काल पत्र भेजा गया। पत्र में मांग की गई कि झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप ही सुरक्षित रखा जाए। साथ ही मेडिकल कॉलेज के लिए अन्य ऑप्शनल समाधान खोजने का आग्रह किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति का पुतला दहन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज जनजातीय छात्रों के लिए ABVP प्रांत सहमंत्री हिमांशु शर्मा ने कहा कि झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज जनजातीय छात्रों के लिए शिक्षा का प्रकाशस्तंभ है। इसे कमजोर करने का हर प्रयास नाकाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिषद हर स्तर पर संघर्ष करेगी और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।
भोपाल महानगर सहमंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज जनजातीय छात्रों के लिए स्थापित किया गया था। अगर इसके मूल उद्देश्य से छेड़छाड़ की गई तो विद्यार्थी परिषद छात्रहित और राष्ट्रहित में उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।
संघर्ष जारी रहने का संकेत ABVP ने साफ कर दिया है कि झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज का अस्तित्व और उद्देश्य बचाने की लड़ाई अब केवल प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आदिवासी छात्रों की शिक्षा और समाज के आत्मसम्मान का प्रश्न है। परिषद ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हित में ठोस कदम नहीं उठाते, आंदोलन जारी रहेगा।