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Bhopal News: भोपाल में भिखारियों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है, जिससे शहर का ‘भिखारी मुक्त’ सपना अधूरा रह गया है. प्रशासन ने पहले अभियान चलाए, पर वे थमने के बाद भिखारी वापस लौट आए.
शहर में भिखारियों की बढ़ती संख्या ने बढ़ाई चिंताइनमें से कई भिखारी सामान बेचने का बहाना करते हैं, लेकिन उनका असली मकसद भीख मांगना होता है. ये लोग हाथ में अगरबत्ती, रक्षासूत्र, झाड़ू या कोई सस्ता सामान लेकर राहगीरों से पैसे मांगते हैं. अगर कोई पैसे देने से मना करता है, तो कई बार ये लोग बदतमीजी पर उतर आते हैं. इससे आम लोगों को असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है.
हालांकि, स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह सब सिर्फ “कागजी कार्रवाई” बनकर रह गया है. वे चाहते हैं कि प्रशासन केवल अभियान चलाकर दिखावा न करे, बल्कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले. लोगों का कहना है कि भिखारियों के पुनर्वास के लिए ठोस योजनाएं बनाई जाएं, जैसे उन्हें रोजगार के अवसर देना या आश्रय गृहों में बेहतर सुविधाएं देना. तभी भोपाल वास्तव में एक स्वच्छ, व्यवस्थित और भिखारी मुक्त शहर बन सकता है. नागरिकों की मांग है कि प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से काम करे और भोपाल को एक आदर्श शहर बनाने का सपना साकार करे.
रिपोर्ट- आचार्य श्रीकांत
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
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