विदिशा जिले में 13 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। जिला न्यायालय परिसर में इसकी तैयारियां चल रही हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख सलीम ने मंगलवार को प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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इस बार लोक अदालत में 34 खंडपीठों का गठन किया गया है। पिछले साल 2053 मामलों का निराकरण हुआ था। इस वर्ष 9252 मामले रखे गए हैं। प्रधान न्यायाधीश ने पक्षकारों से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है। लोक अदालत में समझौते से केस का निपटारा होने पर कोर्ट फीस वापस हो जाती है। लोक अदालत के निर्णय के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती।
लोक अदालत संयोजक जी.सी. शर्मा और अभिभाषक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि यहां फैसला अंतिम होता है। लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से राहत मिलती है। चेक बाउंस जैसे मामलों में भी समझौते कराए जाते हैं। समझौते के तहत राशि लौटाई जाती है।
लोक अदालत सस्ता और त्वरित न्याय दिलाने का माध्यम है। यह विवादों को आपसी सहमति से समाप्त करने का प्रभावी तरीका है। पक्षकारों को अपील की जटिलता से नहीं गुजरना पड़ता। इससे विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं।