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Indore News: मैसेज के साथ भेजी गई PDF फाइल को पढ़ने के लिए कहा जाता है. इसमें सारी जानकारी होती है लेकिन असल में वह PDF फाइल न होकर एक APK फाइल होती है. अब जैसे ही आप इसपर क्लिक करते हैं या फाइल आपके मोबाइल में डाउनलोड हो जाती है, तो आपके फोन का सारा एक्सेस हैकर के पास चला जाता है.
मोबाइल पर आता है यह मैसेज
दरअसल इस तरह के मैसेज व्हॉटसअप के क्लोज ग्रुप्स या फिर पर्सनल चैट पर आ रहे हैं, जिसमें एक नंबर से आपके पास मैसेज आता है और दावा होता है कि यह यातायात विभाग की तरफ से है. मैसेज में आरोप लगाया जाता है कि आपकी गाड़ी से यातायात नियमों का उल्लंघन हुआ है. इसमें चालान नंबर भी लिखा होता है, साथ ही 500 से 2000 रुपये की जुर्माना राशि का जिक्र भी होता है. आपको मैसेज फर्जी न लगे, इसके लिए RTO की ही एक डमी वेबसाइट बनाई जाती है और उस लिंक के जरिए पैसे भेजने का ऑप्शन भी दिया जाता है. खेल यहीं खत्म नहीं होता.
अब आपसे मैसेज के साथ दी गई PDF फाइल को पढ़ने के लिए कहा जाता है, जिसमें सारी जानकारी लिखी होती है लेकिन असल में वह PDF न होकर एक APK फाइल होती है. अब जैसे ही आप इस फाइल पर क्लिक करते हैं या आपके मोबाइल में डाउनलोड हो जाती है, तो आपके फोन का पूरा एक्सेस हैकर के पास चला जाता है. आपको जब तक पता चलता है, तब तक काफी देर हो जाती है.
फोन हैक का पता चलते ही क्या करें?
सबसे पहले तो ऐसे किसी भी नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें लेकिन अगर आपसे गलती हो भी गई है, तो घबराएं नहीं. सबसे पहले अपने मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डाल दें, जिससे आपके फोन का इंटरनेट बंद हो जाएगा और हैकर कोई एक्टिविटी नहीं कर पाएगा. संभव हो तो उस APK फाइल को डिलीट कर दें और अपना फोन फॉर्मेट भी कर दें. उसके बाद इसकी सूचना नजदीकी थाने और साइबर सेल में जरूर करें. आप इसके लिए 1930 पर भी कॉल कर सकते हैं.