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Indore News: 6वीं कक्षा में पढ़ने वाली लक्षिता पटेल स्कूल में अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी. इसी दौरान अचानक उसे थकान महसूस हुई और वह बैठ गई और कुछ ही देर बाद गिर पड़ी. घटना के फौरन बाद स्कूल से उसे बेटमा अस्पताल ले जाया गया.
क्या था मामला?
6वीं क्लास की छात्रा लक्षिता पटेल अपने दोस्तों के साथ स्कूल में खेल रही थी. इसी दौरान उसे थकान महसूस हुई और वह अचानक बैठ गई और कुछ ही देर बाद गिर पड़ी. घटना के तुरंत बाद स्कूल से उसे बेटमा अस्पताल ले जाया गया. यहां से उसे इंदौर चोइथराम अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां करीब दो घंटे उसका इलाज चला लेकिन यहां उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों ने उसे कार्डियक अरेस्ट पड़ना बताया.
डॉ धर्मेंद्र झावर ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी घटना है, जिसमें आपका ह्रदय अचानक काम करना बंद कर देता है और रुक जाता है, जिससे पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह भी बंद हो जाता है. डॉक्टर के अनुसार, ह्रदय में जो इलेक्ट्रिक पल्स होती है वो रुक जाती है, जिससे हार्ट की पंपिंग रुक जाती है. यह इंसान के जीवन के लिए इमरजेंसी सिचुएशन होती है. बच्चों में ऐसी घटना के पीछे जन्मजात समस्या ही अधिकतर कारण होती है, जिसका पता नहीं चल पाता. डॉक्टर कहते हैं कि बच्चों का भी पूरा हेल्थ चेकअप होना चाहिए.
क्या तुरंत एक्शन से बच सकती है जान?
यदि मरीज को तुरंत CPR दिया जाए, तो उसके हार्ट की गतिविधि फिर से शुरु हो सकती है लेकिन इसे करने में जरा भी देरी नहीं करनी चाहिए. यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें मरीज को सीधा जमीन पर लिटाकर उसके हार्ट को जोर से दबाया जाता है ताकि उसकी इलेक्ट्रिक पल्स फिर से शुरु हो सके और हार्ट फिर काम करने लगे. हार्ट अटैक के दौरान भी इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.