Samastipur Public Opinion: खेल या व्यापार, पाकिस्तान का हर स्तर पर हो बॉयकॉट, देश भावना के आगे खेल नहीं

Samastipur Public Opinion: खेल या व्यापार, पाकिस्तान का हर स्तर पर हो बॉयकॉट, देश भावना के आगे खेल नहीं


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India Pakistan Cricket Match: पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद समस्तीपुर के युवाओं ने हरभजन सिंह की तरह भारत पाकिस्तान क्रिकेट मैच का विरोध किया. देश की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया. साथ ही देश को भी क्लियर संदेश दिया.

समस्तीपुरः हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के संबंधों को संकट में डाल दिया है. जब देश के जवान सीमा पर जान की बाजी लगा रहे हैं, तब ऐसे समय में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेला जाना कई लोगों को खल रहा है. लोगों का मानना है कि इससे यह संदेश जाता है कि हम एक ऐसे देश से खेल का जश्न मना रहे हैं, जो आतंकियों को पनाह देता है. इसी मुद्दे को लेकर सुप्रसिद्ध क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी बयान दिया है कि भारत को पाकिस्तान से मैच नहीं खेलना चाहिए. वहीं, सुप्रीम कोर्ट में चार कानून के छात्रों द्वारा दायर याचिका पर अदालत ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिससे यह बहस और गहरी हो गई है.

समस्तीपुर के युवाओं की प्रतिक्रिया: खेल से बड़ा है देश का सम्मान
इन तमाम घटनाओं के बीच लोकल 18 की टीम ने बिहार के समस्तीपुर जिले के पटोरी शहर में युवाओं की राय जानने के लिए खेल मैदान का रुख किया. यहां क्रिकेट में रुचि रखने वाले खिलाड़ियों से बातचीत की गई. सबसे पहले मुलाकात हुई मिथिलेश कुमार से, जो मूल रूप से वैशाली जिले के निवासी हैं. मिथिलेश ने साफ शब्दों में कहा कि जो देश हमारे नागरिकों और पर्यटकों पर हमला करता है, उसके साथ किसी भी तरह का संबंध रखना सही नहीं है. उन्होंने कहा, भले ही आतंकवादी हमला करते हैं, लेकिन पाकिस्तानी खिलाड़ी भी उसी देश से हैं, जिस देश में आतंकवाद पनपता है. हमें उनके साथ हर स्तर पर बॉयकॉट करना चाहिए, चाहे वह खेल हो या व्यापार.

पाकिस्तान से दूरी ही सही नीति है
दूसरे युवा खिलाड़ी कुंदन कुमार जो पिछले 12 से 15 वर्षों से खेल जगत में सक्रिय हैं, उन्होंने भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच को अनुचित ठहराया. कुंदन ने कहा, हरभजन सिंह ने जो कहा है, वह बिलकुल सही है. जब हमारे देश के सैनिक जान की बाजी लगाते हैं, तो हम उन लोगों के साथ कैसे खेल सकते हैं जिनके देश से आतंकवाद फैलता है? उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल विवाद और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार इतनी सख्ती दिखा रही है, तो खेल संगठनों को भी उसी नीति पर चलना चाहिए. उन्होंने बीसीसीआई से इस पर सख्त रुख अपनाने की अपील की और कहा कि देश पहले है, क्रिकेट बाद में.

राष्ट्रीय भावना के आगे खेल नहीं
युवाओं की बातों से यह स्पष्ट होता है कि उनके लिए देश की सुरक्षा और सम्मान सबसे ऊपर है. भले ही क्रिकेट को जेंटलमेन गेम कहा जाता हो, लेकिन जब बात देश की गरिमा की हो, तो खेल भावना को कुछ समय के लिए किनारे रखा जा सकता है. समस्तीपुर के युवाओं ने एक स्वर में यह राय दी कि ऐसे समय में जब हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं, तब पाकिस्तान जैसे देश से खेल संबंध रखना हमारे शहीदों के बलिदान का अपमान है. भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सिर्फ खेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे की राजनीतिक और भावनात्मक जटिलताएं भी महत्वपूर्ण हैं.

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें

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