दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में जैसे ही खिलाड़ी मैदान पर उतरे, दर्शकों की गूंज ने आसमान को हिला दिया. एक ओर टीम इंडिया के समर्थकों की नीली जर्सियां, दूसरी ओर पाकिस्तान के हरे रंग के झंडे- पूरा माहौल खेल के जुनून से सराबोर था. स्टेडियम के बाहर भी लंबी कतारें, नारेबाजी और झंडों की लहराती भीड़ ने साबित कर दिया कि ये मैच महज क्रिकेट नहीं, बल्कि एक त्योहार है. 20 साल से दुबई में रह रहे अब्दुल कादिर ने कहा, ये मुकाबला हमें याद दिलाता है कि हम पहले क्रिकेट फैंस हैं, उसके बाद बाकी सब. नतीजा चाहे जो हो, क्रिकेट जीता. जैसे ही मैच शुरू हुआ, स्टेडियम की आवाज और भी बुलंद हो गई. हर चौका-छक्का, हर विकेट पर नीली और हरी जर्सी वाले दर्शकों ने मिलकर शोर मचाया.
हाल के दिनों में भारत-पाकिस्तान रिश्तों में तल्ख़ी और पहलगाम हमले के बाद बनी तनावपूर्ण स्थिति के बीच इस मैच पर संशय था। लेकिन दुबई में बसे भारतीय और पाकिस्तानी प्रवासी एक बात पर सहमत दिखे कि क्रिकेट को राजनीति से अलग रखा जाए. भारतीय प्रवासी अभिषेक द्विवेदी अपने पाकिस्तानी दोस्तों मलिक और जलाल जफर के साथ मैच देखने पहुंचे. उन्होंने कहा, हम यहां सिर्फ मैच का मजा लेने आए हैं, राजनीति पर बात करने नहीं. क्रिकेट का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं. जो अच्छा खेलेगा, वही जीतेगा.
पहली बार लाइव भारत-पाक मुकाबला
दुबई के रहने वाले इकबाल के लिए यह मुकाबला जश्न मनाने वाला होता है. उन्होंने कहा, हमारे लिए तो यह त्योहार है. भारत पाकिस्तान दो मुल्क जरूर हैं, लेकिन हमारे लिए तो दोनों का दिल एक है. गुजरात से ताल्लुक रखने वाले सागर मोदी ने कहा कि उनके लिए यह दिन बेहद खास है. उन्होंने कहा, ये हमारी जिदगी का पहला इंडिया-पाकिस्तान मैच है जिसे हम लाइव देख रहे हैं. संयोग से आज सूर्या (सूर्यकुमार यादव) का जन्मदिन भी है, तो हम उम्मीद कर रहे हैं कि वो मैदान पर आतिशबाजी करेंगे. सागर अपनी पत्नी उर्वी और बेटे मीरांश के साथ स्टेडियम पहुंचे थे. उनके लिए यह मैच किसी ख्वाब के पूरा होने जैसा था.
मुंबई के अतुल बारू ने कहा, हम कई मैच देख चुके हैं, लेकिन ये मैच बिल्कुल अलग है. यहां सिर्फ और सिर्फ नर्व्स काम करते हैं. उनके दोस्त इस्लामाबाद के अर्सलान चौधरी ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा, आज का दिन किसी एक फेवरिट का नहीं है. जो टीम दबाव झेलकर अच्छा खेलेगी, वही जीतेगी.
दुबई में काम करने वाली गायत्री चोंदाकर ने कहा, मैं बस यही चाहती हूं कि मैच टक्कर का हो. किसी को भी एकतरफ़ा मैच देखना पसंद नहीं होगा. भारत है फेवरेट – लेकिन पाकिस्तानी जोश भी कम नहीं. हालांकि, मुंबई के ही राजन मिश्रा का मानना था कि मौजूदा फॉर्म के हिसाब से भारत की टीम मजबूत है. टीम इंडिया क्लियर फेवरिट है लेकिन पाकिस्तान को हल्के में नहीं ले सकते. दोनों टीमों के पास टैलेंटेड और युवा खिलाड़ी हैं, जिनके लिए यह बड़ा मंच है. पाकिस्तानी प्रशंसकों का कहना था कि उनकी टीम दबाव के बड़े मैचों में अक्सर कमाल कर देती है. कराची के रहने वाले इमरान शेख ने कहा, हम अंडरडॉग हैं, लेकिन यही हमें सरप्राइज देने का मौका देता है.
मैच से पहले दुबई का नजारा
मैच से पहले दुबई के रेस्टोरेंट्स, कैफे और शॉपिंग मॉल्स में सिर्फ इसी मुकाबले की चर्चा थी. स्क्रीनिंग वाले हर कैफे हाउसफुल थे. टैक्सी ड्राइवर से लेकर कॉर्पोरेट प्रोफेशनल तक हर कोई आज किसकी जीत होगी? पर बहस करता दिखा. राजनीतिक तनाव और सीमा पर बार-बार बढ़ते विवादों के बीच दुबई का ये नजारा एक राहत भरा संदेश था. भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के लोग एक साथ बैठकर चाय पीते हुए, क्रिकेट पर बहस करते हुए और मैच का मजा लेते हुए दिखे.