लेकिन अब धीरे-धीरे गुरजपनीत का करियर पटरी पर लौट रहा है जिसका सबूत यहां चल रही दलीप ट्रॉफी में दक्षिण क्षेत्र के लिए दो पारियों में लिए गए आठ विकेट हैं. तीसरे दिन के खेल के बाद गुरजपनीत ने कहा, ‘मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा हूं। हमेशा एक दिन में कम से कम 20 ओवर गेंदबाजी करने की उम्मीद करता हूं. मुझे अपने कार्यभार को भी प्रबंधित करना है और हर गेंद पर अपना शत प्रतिशत देना है, चाहे मैं थका हुआ हूं या नहीं.’
गुरजपनीत सिंह इस समय दलीप ट्रॉफी में खेल रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा कि हम उसे कुछ अच्छे बाउंसर कर सकते हैं. मुझे पता था कि कुछ बाउंड्री लगेंगी लेकिन वह बल्ला भी चलाएगा और शायद किनारा लग जाए या कुछ और हो जाए.’ गुरजपनीत ने कहा, ‘फिर 2-3 ओवर मैंने उसे बाउंसर फेंके और हमने कैच के लिए डीप स्क्वायर लेग, फाइन लेग पर एक क्षेत्ररक्षक रखा। जब कप्तान (मोहम्मद अजहरुद्दीन) स्पिनर लाना चाहते थे तो मैंने उनसे एक और ओवर के लिए कहा और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गया.’ तमिलनाडु का यह तेज गेंदबाज 2022 से चोटों से परेशान रहा है जिसकी शुरुआत पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव से हुई थी.
वर्ष 2024 की शुरुआत 26 साल के गुरजपनीत के लिए शानदार रही जब उन्होंने सौराष्ट्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में अनुभवी बल्लेबाज पुजारा को शून्य पर आउट कर दिया. उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 22 रन देकर छह विकेट चटकाए.
उन्हें 2024 के अंत में बांग्लादेश के खिलाफ भारत की घरेलू टेस्ट श्रृंखला से पहले नेट गेंदबाज़ के रूप में चुना गया जहां उन्होंने कोहली के खिलाफ काफी अभ्यास किया और कोहली ने इस तेज गेंदबाज को कुछ बहुमूल्य टिप्स दिए.
लेकिन जब राष्ट्रीय स्तर पर उन पर ध्यान दिया जा रहा रहा था तभी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान उन्हें ग्रोइन की चोट लगी। इस वजह से उन्हें आईपीएल 2025 से बाहर होना पड़ा. गुरजपनीत ने कहा, ‘सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान मुझे ग्रोइन में परेशानी हुई. कहीं-कहीं जकड़न बार-बार आती रहती थी. फिर मैंने दो-तीन महीने के लिए फिर से रिहैबिलिटेशन शुरू किया.’ उन्होंने कहा, ‘आईपीएल के दौरान मुझे थोड़ी जकड़न थी और दौड़ने में भी दिक्कत हो रही थी.’ लेकिन मौजूदा दलीप ट्रॉफी में प्रदर्शन ने 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी सत्र से पहले उन्हें काफी हद तक निश्चिंत कर दिया है.गुरजपनीत ने कहा, ‘अब मुझे लगता है कि मैं बेहतर हो रहा हूं और दिन-ब-दिन बेहतर होता जा रहा हूं. और उम्मीद है कि आने वाला सत्र मेरे लिए अच्छा रहेगा.’