ऐसा कभी नहीं रहा ग्वालियर! शहर की जनता जिला प्रशासन, नगर निगम, सरकारी निर्माण एजेंसियों के अफसरों से यही बात बोल रही है। बारिश में घरों के अंदर चार से पांच फीट तक जल भराव का दंश झेल चुके शहरवासी, जनप्रतिनिधियों और अफसरों से भविष्य के लिए आश्वासन नहीं
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वर्तमान में शहर के विभिन्न स्थानों सीवर बड़ी समस्या बन गई है। जगह-जगह से सीवर चेंबर उफन रहे हैं। सड़कों पर अब गड्ढों का संसार समाया है। कई स्थानों पर मुख्य सड़कों से डामर 50 से 200 मीटर तक गायब है। स्ट्रीट लाइन की समस्या का अधिकारी किसी भी स्तर पर समाधान नहीं करा पाए है। 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का टैक्स देने वाली जनता ऐसे हालातों में जीने को मजबूर है।
क्योंकि जोनल स्तर से लेकर सीएम हेल्पलाइन में समस्याओं के समाधान पर अफसर रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट भी सीएम डॉ.मोहन यादव अफसरों की कार्य प्रणाली बता चुके हैं। फिर भी कोई असर नहीं है।
- बस स्टैंड: रोडवेज बस स्टैंड के नाम से पहचाने जाने वाले इसके मुख्य मार्ग पर 10 दिन से सीवर की गंदगी सड़क पर बह रही है। लोग इसी गंदे पानी से वाहन और पैदल निकलने को मजबूर हैं।
- सड़कों से डामर गायब: निगम, लोनिवि सहित अन्य एंजेसियों ने शहर में सड़कें बनाई। उनमें से अधिकांश जगह रोड से डामर गायब है। ऐसे हालात सचिन तेंदुलकर मार्ग, सरस्वती नगर से पटेल नगर, झांसी रोड (थाने से तपोवन तक), आनंद नगर आदि जगह हैं। ।
- महलगांव: सिर्फ नाम से गांव है। ये वार्ड-29 का हिस्सा है। यहां 25 दिन सीवर की गंदगी बह रही है।
- नाका चंद्रवदनी चौराहा- मांढरे की माता रोड: चौराहे से कायाकल्प योजना में सड़क डाली गई थी। उक्त सड़क चौराहे पर पूरी तरह खराब हो गई है। यहां भी हमेशा पानी भरा रहता है।
मॉनिटरिंग के अभाव में बिगड़ गई व्यवस्थाएं
शहर में 10 सालों में निगम, लोक निर्माण विभाग, स्मार्ट सिटी, मप्र रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन सहित अन्य एजेंसियों ने निर्माण कार्य किए, लेकिन अफसरों ने मॉनीटरिंग नहीं की। इस कारण शहर की व्यवस्थाएं फेल हो गई हैं। अधिकांश शहरों में सड़कों के किनारे नालियों बनाई जाती हैं, ताकि बारिश का पानी निकल सके, लेकिन यहां बनाई ही नहीं गई। बारिश का ड्रेनेज सिस्टम अब तक नहीं बना पाए।
सड़कों पर ठेले, वाहन पार्किंग भी नहीं हटा पाया नगर निगम सड़कों पर हाथ ठेला, खान-पान स्टॉल सहित सामान बेचने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाईकोर्ट रोड और गांधी रोड को छोड़ सभी जगह ठेला और गुमटी लगी हैं। अस्पताल रोड, पटेल नगर रोड सहित कई ऐसी सड़कें हैं जहां लग्जरी वाहनों ने कब्जा कर रखा है। सड़कों पर ही वाहन ठीक किए जा रहे है। यह रोज निगम और पुलिस के अफसर देखते हैं। फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।