श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में सोमवार शाम एक और चीता शावक की मौत हो गई। शाम करीब 6:30 बजे मादा चीता ‘ज्वाला’ की 20 महीने की शावक मृत पाई गई।
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चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर ने शुरुआती जांच में मौत की वजह तेंदुए के साथ संघर्ष को बताया है। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी।
यह शावक 21 फरवरी को अपनी मां ज्वाला और तीन अन्य भाई-बहनों के साथ जंगल में छोड़ी गई थी। कुछ हफ्ते पहले वह अपनी मां से अलग हो गई थी। हाल ही में उसने अपने भाई-बहनों का साथ भी छोड़ दिया था। अधिकारियों का मानना है कि स्वतंत्र जीवन जीते हुए यह शावक शिकार या अपने क्षेत्र को लेकर तेंदुए से भिड़ गई होगी।
इससे पहले नामीबिया से लाई गई मादा चीता ‘नभा’ की भी शिकार के दौरान मौत हो गई थी।
अब 25 चीते बाकी, लगातार निगरानी जारी
इस घटना के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में कुल 25 चीते बचे हैं, जिनमें 9 वयस्क (6 मादा और 3 नर) और 16 भारतीय मूल के शावक शामिल हैं। पार्क के क्षेत्र निदेशक ने बताया कि बाकी सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और प्राकृतिक माहौल में अच्छी तरह रह रहे हैं।
चीता परियोजना प्रबंधन लगातार उनकी निगरानी कर रहा है और अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को समझने और आगे की रणनीति बनाने के लिए सघन मॉनिटरिंग जारी रहेगी।