घर पर गमले में उगा सकेंगे… खेत जैसी बड़ी, मुलायम, स्वादिष्ट लौकी, किसी पेस्टीसाइड की भी जरूरत नहीं

घर पर गमले में उगा सकेंगे… खेत जैसी बड़ी, मुलायम, स्वादिष्ट लौकी, किसी पेस्टीसाइड की भी जरूरत नहीं


Ghar Me Lauki Kaise Ugayen: आजकल के समय में बाजार में मिलने वाली सब्जियों में पेस्टीसाइड्स और रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं. खासकर लौकी में ऐसी शिकायतें खूब मिलती हैं. कई बार तो लौकी में इंजेक्शन के निशान भी मिले हैं. ऐसे में तमाम लोग अब लौकी अपने किचन गार्डन में उगाने लगे हैं. घर में उगी लौकी न केवल स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. हम आपको ऐसा तरीका बताते हैं जिससे आपके घर में भी खेत जैसी बड़ी-बड़ी लौकी आसानी से उगेगी.

लौकी की बुवाई का सही समय
लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसे साल भर लगभग किसी भी मौसम में उगाया जा सकता है. फिर भी दक्षिण भारत जैसे उन क्षेत्रों में जहां सर्दी कम रहती है, वहां अक्टूबर-नवंबर का समय लौकी की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस समय बुवाई करने से अच्छी उपज मिलती है.

जैविक बीज का चयन करें
लौकी उगाने के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाले जैविक बीज का चयन करना जरूरी है. बाजार में कई प्रकार के लौकी के बीज उपलब्ध हैं, लेकिन आपको हमेशा प्रमाणित जैविक बीज खरीदने चाहिए. इन बीजों में किसी तरह के रसायन या जीन मॉडिफाइड तत्व नहीं होते है. बीज बोने से पहले इन्हें 8-10 घंटे पानी में भिगो कर रखने से अंकुरण की प्रक्रिया जल्दी होती है.

पौध तैयार करना
बीज को अंकुरित करने के लिए आप छोटे गमले, प्लास्टिक ट्रे या कोकोपीट का उपयोग कर सकते हैं. इसके बाद गमले में अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी भरें और उसमें बीज लगाएं. मिट्टी को हमेशा हल्की नमी बनाए रखें, ताकि बीज अच्छे से अंकुरित हो सकें. करीब 7 से 10 दिनों में बीज से छोटे-छोटे पौधे निकलकर ऊपर आने लगेंगे.

धूप और पानी की आवश्यकता
लौकी का पौधा उगाने के लिए धूप बहुत जरूरी होती है, इसलिए इसे ऐसी जगह पर रखें, जहां प्रतिदिन कम से कम 6 से 8 घंटे की पर्याप्त धूप मिल सके. पौधे को पानी देने में संतुलन जरूरी है. ज्यादा पानी देने से पौधा सड़ सकता है और कम पानी से पौधा कमजोर रह जाता है, इसलिए मिट्टी की नमी को संतुलित बनाए रखें.

जैविक खाद का प्रयोग
लौकी के पौधे को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल करें. 15-20 दिन बाद मिट्टी में गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या किचन वेस्ट से बनी खाद डालें. यह पौधे को आवश्यक पोषण प्रदान करती है और बिना रसायन के पौधा मजबूत बनता है.

बेल को सहारा दें
लौकी की बेल लंबी होती है और बिना सहारे के सही तरह से नहीं बढ़ती. इसलिए बीज बोने के कुछ दिन बाद ही लौकी के पौधे को सहारा देना शुरू करें. आप बांस की छड़ी या लोहे की जाली का सहारा ले सकते हैं. बेल को सहारा मिलने से पौधा सीधा और मजबूत बढ़ता है.

कब तोड़नी चाहिए लौकी
लौकी के पौधे से स्वादिष्ट लौकी पाने के लिए उचित समय पर कटाई करना बहुत जरूरी है. आमतौर पर बीज बोने के 50 से 60 दिन बाद लौकी तोड़ी जा सकती है. लौकी का रंग हल्का हरा होना चाहिए और उसकी त्वचा मुलायम होनी चाहिए. बहुत बड़े या कठोर होने से लौकी स्वाद में कड़वी हो जाती है, इसलिए सही समय पर कटाई करें।



Source link