उबड़-खाबड़ रास्ते से रामा तहसील कार्यालय जाते ग्रामीण और कर्मचारी।
झाबुआ जिले के रामा तहसील कार्यालय तक पहुंचने का मार्ग तीन साल से नहीं बन पाया है। इंदौर-अहमदाबाद हाईवे से लगी पहाड़ी पर 563 लाख रुपए की लागत से बने इस कार्यालय का भूमिपूजन प्रभारी मंत्री इंदरसिंह परमार ने 26 अगस्त 2022 को किया था।
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मार्ग की खराब स्थिति से ग्रामीणों, वृद्धजनों और दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह समस्या और भी बढ़ जाती है। कार्यालय के कर्मचारी भी इस ऊबड़-खाबड़ मार्ग पर कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
कलेक्टर कार्यालय भेजा गया 99.33 लाख का प्राक्कलन
लोक निर्माण विभाग ने जुलाई में मार्ग निर्माण के लिए 99.33 लाख का प्राक्कलन तैयार किया है। सहायक ग्रेड-3 प्रताप सिंह सोलंकी के अनुसार, यह प्राक्कलन 19 अगस्त को स्वीकृति के लिए कलेक्टर कार्यालय को भेजा गया है।
भील सेना संगठन के प्रदेश प्रभारी गब्बरसिंह वास्केल ने कहा कि तहसील कार्यालय आदिवासियों की मदद के लिए होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारी अपने कार्यालय तक का मार्ग नहीं बनवा सकते, तो ग्रामीण क्षेत्र में विकास कैसे करवाएंगे।