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Pitru Paksha 2025: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का काफी महत्व होता है और हर कोई अपने पूर्वजों को याद करता है. इसका समापन 21 सितंबर को होगा। उज्जैन में पितृ पक्ष के दौरान मोक्षदायिनी शिप्रा तट का विशेष महत्व है. चलिए जान लेते हैं इसकी पूरी कहानी.
उज्जैन के राजा से जुड़ा है इतिहास
सम्राट विक्रमादित्य ने इसी वट वृक्ष के नीचे तपस्या की थी. तप से मिली शक्तियों के बल पर उन्होंने बेताल को अपने वश में किया था. सम्राट अशोक के पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा ने भी सिद्धवट का पूजन कर धर्म का प्रचार श्रीलंका सहित कई देशों में किया.
मुगल शासनकाल में इस वट वृक्ष को कटवाने की कोशिश की गई थी. इसकी शाखाओं पर लोहे के तवे जड़ दिए गए थे. लेकिन वट वृक्ष की शाखाएं लोहे के तवों को तोड़कर फिर से बाहर निकल आईं. स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में बताया गया है कि इस वट वृक्ष को दूध अर्पित करने से वह सीधे पितरों तक पहुंचता है. इस मान्यता के चलते देशभर से श्रद्धालु यहां तर्पण करने आते है.
माता पार्वती से जुड़ा है इतिहास
स्कंद पुराण के अनुसार, यह वट वृक्ष माता पार्वती द्वारा लगाया गया था. यहां पर पूजा करने से न केवल पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. बल्कि मोक्ष की प्राप्ति भी होती है. पितृ पक्ष के दौरान यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु तर्पण और पिंडदान के लिए आते हैं. इस स्थान को वंश वृद्धि और सुख-समृद्धि के लिए भी सिद्ध माना जाता है.
उज्जैन में वट वृक्ष का विशेष महत्व
भारत में चार वट वृक्ष महत्वपूर्ण माने गए हैं, प्रयाग का अक्षयवट, वृंदावन का वंशीवट, गया का बौद्धवट और उज्जैन का सिद्धवट है. पुजारी ने बताया कि स्कंद पुराण के अनुसार, शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिक स्वामी इस वट के नीचे सेनापति नियुक्त हुए और तारकासुर का वध किया. यहां तीन प्रकार की सिद्धि संतति, संपत्ति और सद्गति की प्राप्ति होती है. तीनों की प्राप्ति के लिए लोग सिद्धवट पर दूध चढ़ाने आते हैं. यहां सांद्रता मतलब पितरों के लिए पिंडदान-तर्पण, संपत्ति अर्थात लक्ष्मी प्राप्ति के लिए रक्षासूत्र बांधने और संतति अर्थात पुत्र प्राप्ति के लिए उल्टा सातिया (स्वास्तिक) बनाने का विधान है.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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