बारिश से पकी हुई सोयाबीन फसल बर्बाद।
जावद क्षेत्र में सोयाबीन कटाई के बीच गुरुवार शाम को अचानक मौसम बदल गया और सरवानिया महाराज सहित अन्य इलाकों में बारिश हुई। इससे खेतों में कटी हुई सोयाबीन की फसल भीग गई है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। किसान इस अप्रत्याशित बारिश से चि
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किसानों के अनुसार, इस खरीफ सीजन में सोयाबीन की फसल को पहले ही कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। फसल उगने के बाद पीला मोजेक और कम फलन जैसी दिक्कतें आईं। लगातार बारिश के कारण फलियों में दाना भी ठीक से नहीं बन पाया। अब कटाई के समय हुई यह बारिश उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है।
खेत में भरा बारिश का पानी।
फसल की गुणवत्ता गिरेगी
किसान कैलाश लोहार, माणक शर्मा, रामदयाल शर्मा और परमानंद पाटीदार ने बताया कि सोयाबीन की पैदावार पहले ही उम्मीद से कम रही है। कटाई के दौरान हुई बारिश से दानों में नमी बढ़ जाएगी और उनकी ऊपरी परत खराब होने का खतरा है। इससे फसल की गुणवत्ता गिरेगी, जिससे मंडी में उचित दाम मिलना मुश्किल हो सकता है।
किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत निकालना पहले ही कठिन हो गया था। अब बची-खुची उपज भी खराब होने की स्थिति में आ गई है। ऐसे में किसानों की निगाहें सरकार पर टिकी हैं और वे राहत की उम्मीद कर रहे हैं। फिलहाल, अधिकांश किसान जल्द से जल्द अपनी फसल निकालने और सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अंचल में 19 और 20 सितंबर को भी बारिश के आसार बने हुए हैं। हालांकि, अभी भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन यदि खेतों में कटी हुई फसलें मौजूद हों तो उन्हें नुकसान हो सकता है।