बड़वानी जिले के पानसेमल क्षेत्र में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन को मजबूती मिली है। ग्राम रायखेड और कुंजरवाड़ा में 500 से अधिक युवाओं ने जयस की सदस्यता ग्रहण की। इन युवाओं ने संगठन की नीतियों, आदिवासी समाज के विशेष अधिकारों और जल, जंगल, जमीन के
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जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू पटेल ने बताया कि संगठन प्रत्येक गांव में युवाओं को जागरूक कर रहा है, ताकि वे अपने हक और अधिकारों के लिए लड़ सकें। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी आदिवासी समाज मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। पटेल ने पानसेमल क्षेत्र की समस्याओं पर भी प्रकाश डाला।
बैठक में मौजूद जयस कार्यकर्ता।
उन्होंने बताया कि यहां वन अधिकार पत्र नहीं दिए जा रहे हैं और शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सही ढंग से उपलब्ध नहीं हैं। पटेल ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अनपढ़ लोगों का फायदा उठा रहे हैं और हर काम में भ्रष्टाचार कर रहे हैं।उन्होंने युवाओं से भ्रष्टाचार रोकने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
पटेल ने यह भी बताया कि पंचायती राज व्यवस्था कमजोर हो रही है और पेसा कानून का पालन नहीं करवाया जा रहा है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी चुप हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन समाज के हर मुद्दे पर लड़ाई लड़ रहा है।इस अवसर पर कुछ युवाओं को पदाधिकारी भी नियुक्त किया गया।

जयस की सदस्यता लेने के बाद ग्रुप फोटो लेते कार्यकर्ता।
रायखेड के अध्यक्ष शिवराम सोलंकी और उपाध्यक्ष प्रकाश भोसले बनाए गए, जबकि कुंजरवाड़ा के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर और उपाध्यक्ष रेलसिंग मोरे नियुक्त हुए। इस दौरान अनिल खेड़कर ने कहा कि उनके गांव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे ग्रामीण वंचित हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू पटेल, जयस जिला प्रभारी मुन्ना मोरे, खेतिया ब्लॉक अध्यक्ष विजय सोलंकी, हीरा ठाकुर, मतराला सुरेश सोलंकी, मीडिया प्रभारी विनोद डावर और संगठन मंत्री मगन अखाड़े सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।