बुरहानपुर में बहादरपुर सहकारी सूत मिल के श्रमिकों के वेतन और ग्रेच्युटी सहित अन्य देयकों के आकलन के लिए गुरुवार को बैठक हुई। यह बैठक कलेक्टर कार्यालय में विधायक अर्चना चिटनीस और कलेक्टर हर्षसिंह की उपस्थिति में हुई।
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विधायक अर्चना चिटनीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न शासकीय कार्यालयों से प्राप्त 743 श्रमिकों की सूची की गहनता से जांच की जाए। उन्होंने श्रम विभाग, उद्योग विभाग, जिला कोषालय और बहादरपुर सहकारी सूत मिल के श्रमिक प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी श्रमिक अपने हक से वंचित न रहे।
बैठक में श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा दी गई सूची का मिलान करने पर 59 श्रमिकों की पुष्टि नहीं हो सकी। इस पर विधायक चिटनीस ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन श्रमिकों की सूची को शासन को भेजने से पहले अभिलेखों से पुनः गहन जांच की जाए। उन्होंने परिसमापक बहादरपुर सहकारी सूत मिल मर्यादित और जिला कोषालय अधिकारी को समन्वय स्थापित कर सूची में प्राप्त नामों की राशि का पुनर्मिलन कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि विधायक अर्चना चिटनीस ने दिसंबर 2024 और जुलाई 2025 में भी मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रश्न के माध्यम से बुरहानपुर की बहादरपुर सहकारी सूत मिल के श्रमिक एवं कर्मचारियों को देय वेतन और ग्रेच्युटी के भुगतान का मुद्दा उठाया था। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की ऐसी सभी बंद मिलों, जिनके मजदूरों को उनका हक अब तक नहीं मिल पाया है, सरकार पूरे ब्याज सहित उन मिल मजदूरों को उनका वाजिब हक दिलाएगी। इसमें बुरहानपुर की बहादरपुर सहकारी सूत मिल भी शामिल हैं।
अर्चना चिटनीस ने कहा कि उनकी सरकार ने मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, विनोद मिल, अवंतिका सूत मिल और हीरा मिल जैसे अन्य बंद मिलों के मजदूरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके सभी देनदारियों का भुगतान किया है। उन्होंने बुरहानपुर की बहादरपुर सूत मिल के मजदूरों-कर्मचारियों के लिए भी समय-सीमा में निर्णय लेने का आग्रह किया। चिटनीस ने यह भी बताया कि वे विगत 25 वर्षों से इस मुद्दे को उठा रही हैं और श्रमिकों-कर्मचारियों को उनका हक दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत रही हैं।