जबलपुर में सीएम ने कहा-आदिवासी हिंदू हैं: जीजीपी नेता बोले- बरगलाएं नहीं, मंत्री आदिवासियों को लेकर सोच-समझकर बयान दें; पहले इतिहास पढ़ लें – Jabalpur News

जबलपुर में सीएम ने कहा-आदिवासी हिंदू हैं:  जीजीपी नेता बोले- बरगलाएं नहीं, मंत्री आदिवासियों को लेकर सोच-समझकर बयान दें; पहले इतिहास पढ़ लें – Jabalpur News


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयान आदिवासी हिंदू हैं पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि हम पर जबरन सनातन (हिंदू) धर्म थोपा जा रहा है। हम आदिवासी और सिर्फ आदिवासी हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार को शहीद शंकर शा

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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राधेश्याम काकोड़िया का कहना है कि चाहे केंद्रीय मंत्री हो या फिर प्रदेश के मंत्री, आदिवासियों को लेकर कोई भी बयान दे, तो सोच समझकर ही बोलें, इतिहास पढ़ें और अगर कुछ नहीं आता है तो गोडवाना के गोकुल में आ जाएं, हम पढ़ाने को तैयार हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि कुछ ताकतें उस समय भी हमें लड़ाना चाहती थीं और अभी भी बहुत सारे ऐसे लोग मिलेंगे, जो फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। उनका इशारा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर था। सिंघार ने कुछ दिन पहले कहा था कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं।

शहीद शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री।

गोंडवाना राजा हिंदू देवताओं की पूजा करते थे

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि शहीद शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सामने अंग्रेजों ने शर्त रखी थी कि वह हिंदू धर्म छोड़ दें और उनका धर्म अपना लें, लेकिन उन्होंने हिंदू धर्म नहीं छोड़ा। बल्कि जान देना कबूल कर लिया। आदिवासी हिंदू हैं, कुछ लोगों ने उन्हें लालच दिया कि हम आपको पेंशन दिलवाएंगे। हिंदू धर्म छोड़ना पड़ेगा, पूजा-पाठ छोड़ना होगा पर ये लोग ऐसी मिट्टी की बने हैं, जो भूखे मरने को तैयार हैं पर हिंदू धर्म नहीं छोड़ेंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि आदिवासी के पूर्वज हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करते थे। भारत का आदिवासी हमेशा सनातनी हिंदू रहा है और उसने कभी हिंदू धर्म नहीं छोड़ा। मैं ऐसा मानता हूं कि सिर्फ शंकर शाह-रघुनाथ शाह नहीं बल्कि उनकी रानियां भी हिंदू देवी माता चंडी की पूजा करती थीं। अंग्रेज हिंदू और आदिवासियों के बीच फूट डालना चाहते थे, लेकिन भारत का आदिवासी हमेशा सनातनी हिंदू रहा है और उसने कभी हिंदू धर्म नहीं छोड़ा।

आदिवासी नेता बोले-हम हिंदू नहीं हैं

काकोड़िया का कहना है कि सीएम आदिवासियों को बरगला रहे हैं। गोंडवाना साम्राज्य की अलग पहचान है, हमारी अलग संस्कृति है, कल्चर है, अलग पहनावा है, बोली-भाषा है। 1931 के ट्राइबल एक्ट में आदिवासियों को अलग पहचान दी गई थी। आदिवासियों को सनातनी हिंदू बोलना कुठाराघात है।

सभी धर्मों ने आदिवासियों से कुछ न कुछ सीखा है

काकोड़िया ने कहा कि इस देश में रह रहे हिंदू, मुस्लिम और ईसाई ने आदिवासी संस्कृति से कुछ ना कुछ सीखा है, क्योंकि हम प्रकृति को मानते है और पूरी दुनिया प्रकृति से सीखती है। आदिवासी आविष्कारक है, 194 देश आदिवासी दिवस मनाते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 1994 में हर साल 9 अगस्त को विश्व मूलनिवासी दिवस मनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि आदिवासी है तो मानवता है, इसलिए हमें किसी धर्म में बांटने की कोशिश ना करें। हम आदिवासी बड़ा देवता को मानते हैं, उनकी पूजा करते हैं।

बात करना और वास्तविकता देखना अलग है

कांग्रेस विधायक और आदिवासी नेता ओमकार सिंह मरकाम ने भी सीएम के बयान पर आपत्ति की है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से खड़ा हुआ था मुद्दा

कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासियों के हिंदू होने पर सवाल खड़ा किया था। उनका कहना था कि आदिवासी हिंदू नहीं है। 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश में लगभग एक करोड़ 53 लाख आदिवासी हैं, जो मध्य प्रदेश की कुल आबादी का लगभग 21% है। इनमें सबसे ज्यादा 46 लाख भील आदिवासी हैं। दूसरे स्थान पर 43 लाख के साथ गोंड आते हैं। इसके अलावा मप्र में 46 जनजातियों के लोग रहते हैं। मुख्य रूप से लड़ाई इन्हीं आदिवासियों के वोटों की है। आदिवासियों के बीच में इस मुद्दे को हवा देकर राजनीतिक पार्टियां उन्हें अपने पक्ष में करने में जुटी हैं।



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