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Indore News: एमपी के इंदौर में हुए ट्रक हादसे की जांच चल रही है, जिसमें खुलासा किया गया कि ड्राइवर नशे में था. आरोपी नो-एंट्री में घुस गया था, जिसके बाद भयंकर हादसा हो गया. इस घटना के बाद शहर के अन्य नो एंट्री जोन का क्या है हाल.
बताया गया कि ड्राइवर ने शराब पी रखी थी और ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे. यहां पर सबसे बड़ा सवाल है कि अगर ये नो एंट्री जोन था तो फिर ट्रक यहां तक पहुंचा कैसे, क्या इतनी दूरी में इसे किसी ने रोका भी नहीं है. इस हादसे के बाद पूरा प्रशासन सख्त है और अधिकारियों पर कार्रवाई की गई. DSP रैंक के अधिकारी को सस्पेंड किया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कहा है कि लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
इसके बाद शहर के अन्य नो एंट्री जोन का रियलिटी चेक किया कि बाकी जगहों पर क्या हालात हैं. इसके लिए सबसे पहले रिंग रोड पर स्थित खजराना चौराहे पर पहुंचे. यहां भी रात 11 बजे तक भारी वाहनों की एंट्री बैन होती है. रिंग रोड़ शहर के बाहरी इलाके को जोड़ता है, जो देवास नाका से राजीव गांधी चौराहे तक है. यहां हमें कोई भारी गाड़ी नहीं दिखी, लेकिन चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के बावजूद लोग सिग्नल को ताक पर रखकर बेखौफ सड़क पार करते रहे. यही हाल इंदौर के हर चौराहे का है, जहां सिग्नल जिसे मानना होता है वो मानता है वरना बेखौफ ट्रैफिक सिग्नल रूल तोड़ देते हैं.
आम लोग क्या कहना है?
हमने यहां के ऑटो चालकों से बात की तो उन्होंने बताया ये इलाका भी नो एंट्री जोन है. फिलहाल, यहां पर कोई भारी वाहन नहीं दिख रहा है क्योंकि अभी सख्ती है. आम दिनों में आप आएंगे तो आपको यहां भी वैसे ही बेधड़क भारी वाहन दिख जाएंगे. ट्रैफिक सिग्नल का तो यहां कोई मतलब ही नहीं है.
क्या बदलेगी तस्वीर?
सरकार ने फिलहाल के लिए ट्रैफिक नियमों में सख्ती तो कर दी है. हर जगह ट्रैफिक का कड़ाई से पालन हो रहा है, लेकिन क्या यही स्थिति सामान्य रहेगी या फिर कुछ दिनों बाद ऐसे ही हालात देखने को फिर से मिलेंगे. प्रशासन इंदौर को ट्रैफिक में भी देश में नंबर वन बनाने की बात करता है, लेकिन फिलहाल तो ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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