MP के 63 थाने SC-ST के लिए सेंसिटिव, नोटिफिकेशन जारी: 88 हॉटस्पॉट चिह्नित, नई चौकियों से होगी सख्त निगरानी; पुराने विवाद सुलझाए जाएंगे – Bhopal News

MP के 63 थाने SC-ST के लिए सेंसिटिव, नोटिफिकेशन जारी:  88 हॉटस्पॉट चिह्नित, नई चौकियों से होगी सख्त निगरानी; पुराने विवाद सुलझाए जाएंगे – Bhopal News


मप्र के 23 जिलों के 63 थानों को सरकार ने संवेदनशील घोषित किया है। गृहविभाग ने अधिसूचना जारी कर इन जिलों के थाना क्षेत्रों को आइडेंटिफाई एरिया की कैटेगरी में रखा है। साथ ही संबंधित थाने के स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि वे गंभीर मामलों को लेकर अलर्ट रहें

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दरअसल, पिछले कुछ सालों में इन थाना इलाकों में गंभीर आपराधिक घटनाएं हुई है, जिनकी वजह से सरकार की किरकिरी हुई और राजनीतिक रूप से भी बवाल मचा। जिन क्षेत्रों को आइडेंटिफाई एरिया की कैटेगरी में रखा गया है उन्हें लेकर पुलिस अब खास रणनीति बनाएगी। इसके तहत जहां जरूरी होगा वहां नई चौकियां भी बनाई जाएंगी, तो लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।

गृहविभाग ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि इन थाना क्षेत्रों के पुराने विवाद सुलझाए जाएं साथ ही यदि कोई घटना होती है तो तुरंत ही कार्रवाई की जाए। पढ़िए वो कौन से एरिया हैं और किस तरह से पुलिस नई रणनीति अपनाएगी।

4 केस से समझिए थाना क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित करने की वजह

केस-1: सागर दलित युवक हत्या, मां को निर्वस्त्र कर पीटा

ये मामला 24 अगस्त 2023 का है। सागर जिले के खुरई देहात थाना क्षेत्र के बरोदिया नौनागिरी गांव में दबंगों ने दलित युवक लालू उर्फ नितिन अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बेटे को बचाने गई मां को भी निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। दरअसल, लालू की बहन से दबंगों के छेड़छाड़ की थी। जिसकी शिकायत थाने में की गई थी। दबंग पीड़ित परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे।

जब परिवार ने इनकार किया, तो इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद और 4 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। खास बात ये है कि नितिन अहिरवार के इस केस में घटना के चश्मदीद उसके चाचा और बहन की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। जिसकी जांच अभी भी चल रही है।

दबंगों ने युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

दबंगों ने युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

केस-2: 30 हमलावरों ने महिला की गोली मारकर हत्या की ये मामला मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के ढाकनी गांव का है। 6 दिसंबर 2024 को करीब 30 हमलावर 5 गाड़ियों में सवार होकर गांव में ही रहने वाले बलराम के घर पहुंचे थे। यहां पहुंचकर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें बलराम की पत्नी 45 साल की सुगना बाई की मौत हो गई, जबकि बलराम सहित 3 लोग घायल हो गए थे। ये विवाद सरकारी जमीन पर गाय बांधने को लेकर हुआ था।

घटना के बाद आक्रोशित परिजन और गांववालों ने शव रखकर बोलिया, शामगढ़ भानपुरा और खड़ावदा रोड पर करीब 5 घंटे तक चक्काजाम किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के बाद ही प्रदर्शन खत्म हुआ। उस समय पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए तीन लोगों की गिरफ्तारी भी की थी।

महिला की मौत के बाद समाज के लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया।

महिला की मौत के बाद समाज के लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया।

केस-3: गैंगरेप के बाद आरोपियों ने घर में लगाई आग भिंड जिले के आरोली गांव में इसी साल 13 जनवरी 2025 को गांव के दबंगों ने दलित युवती के साथ गैंगरेप किया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने गैंगरेप के आरोपी सोनी गुर्जर और धर्मेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मगर, कोर्ट में बयान दर्ज कराने से पहले ही आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

समझौते से इनकार करने पर आरोपी बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और परिवार से मारपीट की। इसके बाद घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इस आगजनी में परिवार के दो लोग झुलस गए थे।

समझौते से इनकार पर बदमाशों ने पीड़िता का घर जला दिया।

समझौते से इनकार पर बदमाशों ने पीड़िता का घर जला दिया।

केस-4 : गैंगरेप पीड़िता की आंत-बच्चेदानी बाहर थी खंडवा जिले में एक आदिवासी महिला के साथ दरिंदगी हुई। घटना 23 मई की रात हुई जब महिला शादी समारोह से लौट रही थी। आरोपी हरी और सुनील ने शराब के नशे में महिला के साथ बर्बरता की थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की आंत 6 फीट शरीर से बाहर निकली थी। उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें भी थीं। इन्हीं चोटों की वजह से महिला की मौत हो गई थी।

महिला का पोस्टमॉर्टम करने वाली डॉक्टर सीमा सूटे के मुताबिक उसके गर्भाशय और रेक्टम तक को गंभीर चोटें लगी थीं।। उन्होंने कहा, “मैंने अपने पूरे करियर में इतनी क्रूरता नहीं देखी।” रिपोर्ट के अनुसार, महिला के शरीर से खून बहुत अधिक बहा और इसके कारण उसकी मौत हो गई। पीड़िता ने मरने से पहले अपने बेटे को आरोपियों के नाम बताए थे, जिन्होंने पुलिस को बयान भी दिया।

आरोपी हरी और सुनील पर गैंगरेप का आरोप है।

आरोपी हरी और सुनील पर गैंगरेप का आरोप है।

क्या होगा आइडेंटिफाई एरिया में.. गृह विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक ये कदम केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत उठाया है। 23 जिलों के 63 थानों को संवेदनशील घोषित किया है और इन थानों के तहत आने वाले क्षेत्र को ‘आइडेंटिफाई एरिया’ के रूप में चिह्नित किया गया है।

एक्सपर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार किसी थाना क्षेत्र को आइडेंटिफाई एरिया घोषित करती है तो इसका मतलब है कि वहां और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। वहां की पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और खासतौर पर एससी-एसटी वर्ग पर होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत होती है।

वहीं पुलिस से उम्मीद की जाती है कि वह क्षेत्र में सुरक्षा के लिए खास गश्त और निगरानी की व्यवस्था करें। यदि कोई आपराधिक घटना होती है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाए।

एमपी में 2022 के मुकाबले 2023 में 300 कम केस दर्ज स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एससीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक मप्र में पिछले तीन सालों में एट्रोसिटी एक्ट के तहत औसतन 10 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। साल 2021 में दर्ज मामलों की संख्या 10,081 थी। वहीं साल 2022 में ये बढ़कर 11,384 हो गई। साल 2023 में इसमें मामूली गिरावट हुई और इस साल 313 कम मामले दर्ज हुए। हत्या और बलात्कार के भी कम मामले दर्ज हुए हैं।



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