बता दे की राशि ने अपनी स्कूली पढ़ाई शैलेश मेमोरियल स्कूल से करने के बाद यूनिवर्सिटी से बीएससी से ग्रेजुएशन किया था और फिर 2022 में पढ़ाई करने के लिए इंदौर चली गई थी लेकिन यहां उन्होंने सेल्फ स्टडी कर पूरी तैयारी की उन्होंने पिछले क्वेश्चन पेपर सॉल्व किए कोचिंग की टेस्ट सीरीज जॉइन की, खास बात यह है कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान पिछले 4 सालों में अपने घर पर तीज त्यौहार तक पर आना छोड़ दिया था.
एमपीपीएससी में प्रदेश में दसवीं रैंक हासिल करने वाली राशि जैन बताती है कि यह उनका थर्ड अटेम्प्ट था लेकिन मैंस और इंटरव्यू पहली बार हुआ, जिसमे इंटरव्यू करीब 15 मिनट का हुआ पांच लोगों की टीम ने इंटरव्यू किया और करीब 35 सवाल पूछे थे जिसमें दो सवाल बुंदेलखंड को लेकर भी थे इसमें सागर के डॉक्टर सर हरि सिंह गौर को लेकर पूछा था कि यह व्यक्ति कौन है और इन्हें दानी क्यों कहा जाता है, इसके अलावा डॉक्टर गौर की दो सबसे बड़ी डिग्रियां कौन सी है यह सवाल भी पूछा था जिसका जवाब की डॉक्टर गौर ने अपनी निजी संपत्ति दान कर विश्वविद्यालय की स्थापना की थी और उनकी दो बड़ी डिग्रियां डी लिट, एलएलडी थीं.
ऐसे करें तैयारी शुरू
किसी भी एग्जाम में शुरुआत में ही सफलता मिलना कमजोरी नहीं होती है बल्कि हमारी जो गलतियां हो रही है, उनसे हमें सीख लेनी चाहिए सुधार करना चाहिए, आगे बढ़ना चाहिए अगली बार के लिए और मेहनत करना चाहिए जिससे सफलता अवश्य मिलेगी.
राजेश जैन ने बताया कि वह दमोह जिले के बांसा निवासी है लेकिन 1993 में सागर आ गए थे, तब से उन्होंने करीब 25 साल तक फुलकी चार्ट का ठेला लगाए, लेकिन फिर करीब 7 साल पहले छोटी सी किराना दुकान शुरू की थी जो नया बाजार में हैं. उन्होंने कहा कि हमने जो संघर्ष किया है बच्चों ने देखा है इसलिए उन्होंने हमारी मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया आज बेटी ने अफसर बनकर हमारा सपना पूरा कर दिया है. छोटा बेटा रितिक ca की तैयारी कर रहा. इनकी मां चंद जैन ग्रहणी है.