Last Updated:
Home Gardening Tips: मात्र 15 दिन में गुड़हल का पौधा जड़ पकड़ लेगा और नई कोपल भी दिखने लगेगी. फूल खिलना शुरू होंगे तो रुकेंगे नहीं. जानें विधि…
किसी भी फूल, फल या सुंदरता बढ़ाने वाले पौधे जब हम लगाते हैं तो उसमें किस्म का चुनाव करना सबसे अहम होता है. ऐसे ही गुड़हल में भी होता है. इसमें दो तरह की वैरायटी पाई जाती है. पहली किस्म देसी गुड़हल होती है. इसके बड़े और गहरे लाल रंग के फूल होते हैं. दूसरी वैरायटी हाइब्रिड गुड़हल की होती है. इसमें रंग-बिरंगे फूल आते हैं. जैसे सफेद, गुलाबी, पीले, गुलाबी, नारंगी. ये सभी सजावटी गार्डन में ज्यादा दिखाई देते हैं.
गार्डन का शौक रखने वाले सागर तिलकगंज निवासी शैलेंद्र जैन बताते हैं कि पौधों को अच्छे से ग्रो कराने के लिए मिट्टी का चुनाव भी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. मिट्टी ही यह तय करती है कि आपका पौधा कैसा होगा. गुड़हल के लिए काली दोमट मिट्टी, जिसमें जल निकासी अच्छी तरह से हो काफी मुफीद होती है. अगर इस तरह की मिट्टी नहीं है तो आप खुद तैयार कर सकते हैं. इसके लिए बगीचे की किसी हिस्से की मिट्टी की खुदाई कर ले उसमें एक हिस्सा गोबर का या फिर वर्मी कंपोस्ट का ले लें. फिर थोड़ी बालू उसमें मिक्स कर दें, मिट्टी का पीएच थोड़ा एसिडिक (6.0–6.5) होना बेहतर है.
10-15 दिन में दिखेगा फर्क
आगे बताया, इस मिट्टी को गमले में भरकर चार इंच की गहराई में गुड़हल की ब्रांच को लगा दें. 10-15 दिन में इसमें देखेंगे की नई कोपल आने लगी हैं. लेकिन, इस पौधे को लगाने के बाद देखरेख के भी आवश्यकता होती है. समय-समय पर इसमें खाद भी देनी पड़ती है. साथ ही मिट्टी में नमी बनी रहे, इसलिए एक दिन छोड़ एक पानी भी देते रहें. सर्दियों के मौसम में हफ्ते में दो दिन तो गर्मियों के मौसम में रोजाना पानी देने की आवश्यकता होती है. इसके बाद आपके घर में गुड़हल हमेशा खिला रहेगा.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें