निवाड़ी की धार्मिक नगरी ओरछा के बेत्रबैश्वर घाट पर रविवार को पितृमोक्ष अमावस्या का पर्व मनाया गया। दूर-दराज से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों को तर्पण के साथ विदाई दी।
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श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन तर्पण और पिंडदान से पितरों की आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। पंडित आशीष शुक्ला ने मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं को तर्पण कराया।
श्रद्धालु सुबह से ही घाट पर पहुंचने लगे थे। वे पूजन सामग्री, तिल, कुश और पिंड लेकर आए। कई लोगों ने परिवार के साथ आकर जल में आचमन कर पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
घाट पर “पितृदेवाय नमः” का मंत्र गूंजता रहा। यह आयोजन युवा पीढ़ी को पूर्वजों के प्रति सम्मान का संदेश देता है।
