रतलाम में 4 तस्करों पर ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ में कार्रवाई: लगातार अवैध मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्त होने पर पुलिस का एक्शन – Ratlam News

रतलाम में 4 तस्करों पर ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ में कार्रवाई:  लगातार अवैध मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्त होने पर पुलिस का एक्शन – Ratlam News


रतलाम पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त 4 आरोपियों पर जिले में पहली बार पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी पहले से जेल में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में जेल में बंद है। पिट एनडीपीएस एक्ट का आदेश एक साल तक प्रभावी रहेगा।

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रतलाम एसपी अमित कुमार द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त आरोपियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में रतलाम पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए उन आरोपियों की पहचान की गई, जो अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए गए। इसी आधार पर रतलाम पुलिस द्वारा 4 आरोपियों को पिट एनडीपीएस एक्ट, 1988 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

आरोपी इम्तियाज, जाफर मुर्गी, आरिफ व शाहरुख।

इनके खिलाफ की कार्रवाई

  • इम्तियाज (44) पिता मुमताज खान पठान निवासी बरखेड़ाकला।
  • आरिफ पिता बाबू खां निवासी हतनारा थाना पिपलौदा
  • जाफर उर्फ मुर्गी पिता अल्लाहबक्श खान निवासी मोचीपुरा रतलाम।
  • शाहरुख उर्फ अख्तर पिता मुख्तियार हुसैन निवासी नीमचौक जावरा

जुलाई माह से जेल में आरोपी

पूर्व में उक्त चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज है। इन पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी इम्तियाज एवं जाफर उर्फ मुर्गी 30 जुलाई 25 को तथा आरोपी आरिफ एवं शाहरुख 31 जुलाई 25 से केंद्रीय जेल इंदौर में बंद है।

एडवाइजरी बोर्ड द्वारा की जाती है कार्रवाई

एसपी अमित कुमार ने बताया पिट एनडीपीएस (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट 1988 की धारा 9 की कार्रवाई को लेकर शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा जाता है। प्रस्ताव की समीक्षा न्यायाधीशों की समिति (एडवाइजरी बोर्ड) द्वारा की जाती है। समीक्षा में एडवाइजरी बोर्ड द्वारा उक्त चारों आरोपियों को पिट एनडीपीएस में निरोध में जेल में बंद रखना अनिवार्य पाया है।

क्या है पिट एनडीपीएस एक्ट

पिट यानी पीआइटी एनडीपीएस एक्ट 1988, उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जो लगातार इसमें शामिल पाए जाते हैं। यह कार्रवाई शासन की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है, जिनका जेल में बंद किया जाना जरूरी है।



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