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Balaghat News: ग्रामीणों ने लोकल 18 को बताया कि इलाके में नेहरा नदी पर पुल न होने से साल के चार महीने गांववाले अपने ही गांव में कैद होकर रह जाते हैं. बच्चों को जोखिम लेकर स्कूल जाना पड़ता है. कई बार नदी में ज्यादा बहाव होने की स्थिति में पढ़ाई भी छूट जाती है.
हैरानी की बात यह है कि यह तस्वीर क्षेत्र के विधायक मधु भगत के गांव से 10 किलोमीटर दूर की है. यह हाल वन ग्राम टिकरिया और कातोली में हर साल बारिश के दिनों में होता है. ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में नेहरा नदी पर पुल न होने की वजह से साल के चार महीने ग्रामीण अपने ही गांव में कैद होकर रह जाते हैं. बच्चों को जोखिम उठाकर स्कूल जाना पड़ता है, तो नदी में ज्यादा बहाव होने की स्थिति में पढ़ाई भी छूट जाती है. वहीं कोई बीमार पड़ जाए, तो अस्पताल ले जाने के लिए कई बार सोचना पड़ता है और खटिया का झूला बनाकर मरीज को अस्पताल ले जाना पड़ता है.
जिम्मेदारों से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने इस मामले में जिम्मेदारों से गुहार लगाई, जिसके लिए वह कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जिम्मेदारों को समस्याओं से अवगत कराया. वहीं पूर्व सांसद कंकर मुंजारे से मुलाकात कर मामले को उठाने की गुहार लगाई. इस पर कंकर मुंजारे ने चेतावनी दी है कि अगर 2026 तक नेहरा नदी पर पुल नहीं बना, तो एक बड़ा आंदोलन होगा. वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना बालाघाट की प्रबंधक माया परते का कहना है कि इस मामले में एस्टीमेट तैयार हो गया है. जल्द ही टेंडर निकलेंगे, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.