जेल की चारदीवारी में भी झलक रही माँ की महिमा, 682 कैदियों ने रखा नवरात्रि व्रत, खास फलाहार का इंतजाम

जेल की चारदीवारी में भी झलक रही माँ की महिमा, 682 कैदियों ने रखा नवरात्रि व्रत, खास फलाहार का इंतजाम


Last Updated:

Ujjain News: शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू हो चूका है. इस दौरान कुख्यात अपराधि भी माँ जगत जननी की भक्ति मे डूबे नज़र आ रहे है. उज्जैन की सेन्ट्रल जेल मे हर तीसरा कैदी माता की भक्ति मे व्रत रख रहा है. कैदियों को मूंगफली, गुड़, साबूदाने की खिचड़ी, फल आदि दिया जा रहा है. जेल के अंदर पद्मावती माता का मंदिर भी है.

उज्जैन. शारदीय नवरात्रि के नौ दिन हिंदू धर्म में खास महत्व रखते हैं. इस दौरान देशभर में लोग मां दुर्गा की भक्ति में लीन रहते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के उज्जैन केंद्रीय जेल में यह पर्व एक अनोखे अंदाज में मनाया जा रहा है. जेल की चारदीवारी के भीतर बंदी मां दुर्गा की पूजा-अर्चना में मग्न हैं. इस साल नवरात्रि के पहले दिन से ही 682 कैदियों ने उपवास रखा, जिसमें 622 पुरुष बंदी और 60 महिला बंदी पूरे नौ दिनों तक व्रत रख रही हैं. जेल प्रबंधन ने व्रतधारी कैदियों के लिए खास इंतजाम किए है. ताकि उनकी आस्था और स्वास्थ्य दोनों का ख्याल रखा जा सके.

दरसल शारदीय नवरात्रि की शुरूआत 22 सितंबर से हो चुकी है. इस दौरान उज्जैन की केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में बंद हर तीसरा बदमाश माता की आराधना में डूबा हुआ है. आलम यह है कि जेल में वर्तमान समय में दाल-रोटी से ज्यादा फलाहार की डिमांड बढ़ गई है. केंद्रीय भैरवगढ़ जेल के अधीक्षक ने लोकल 18 से कहा कि वर्तमान में केंद्रीय जेल भेरूगढ़ में कैदियों को मूंगफली, गुड़, साबूदाने की खिचड़ी, फल आदि दिया जा रहा है. जेल के अंदर पद्मावती माता का मंदिर भी है. जिसके दर्शन करने और पूजा करने के लिए बंदियों का आना-जाना लगा रहता है. हालांकि वो नियम के मुताबिक निर्धारित समय पर ही पूजा करते हैं.

कुख्यात बदमाश के साथ महिला कैदी भी माता की भक्ति मे लीन
केंद्रीय भैरवगढ़ जेल के जेलर सुरेश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि जेल मे आज की तारिक मे 2000 से ज्यादा कैदी जेल मे बंद है. जिसमें 682 कैदी ऐसे है जौ माता की भक्ति मे लीन दिखाई दे रहे है. जिसमें पुरुष कैदी की बात की जाए तो 622 कैदी है. 60 महिला कैदी भी माता की आराधना कर रही है. जेल में बंद साधारण अपराधी नहीं बल्कि कई कुख्यात अपराधी भी माता की भक्ति में डूबे हुए है. कई कुख्यात बदमाशों ने तो अपने गुनाहों की माफी के लिए और मुख्याधारा में वापिस जाने के लिए व्रत रखा हुआ है.

सुबह से चालु हो जाती है माता की आराधना
जेल में बंद आरोपियों को जेल मैनुअल के अनुसार भोजन करने फलाहार करने के साथ-साथ प्रार्थना करने के लिए अलग से समय मिलता है. वर्तमान समय में उपवास रखने वाले बंदियों को चाय, फल्हार, के साथ 200 ग्राम दूध और 2 केले स्वल्पाहार के रूप में दिए जा रहे हैं. सुबह 6 बजे से माता की भक्ति का सिलसिला चालु हो जाता है. इतना ही नहीं खण्ड \”अ\” और खण्ड \”ब\” मे माता जी की प्रतिमा भी स्थापित की गईं है.

जेल में है अर्तिप्राचीन मंदिर 
केंद्रीय भैरवगढ़ जेल के जेलर सुरेश गोयल नें बताया नवरात्रि मे ही केवल धार्मिक माहौल नही रहता, बल्कि जेल मे पद्मावती माता रानी भी विराजमान है. जिसका स्कंद पुराण मे भी वर्णन मिलता है. मान्यता है. पद्मावती, जिन्हें तिरुपति के भगवान वेंकटेश्वर की पत्नी के रूप में भी जाना जाता है, स्वयं देवी लक्ष्मी का एक रूप हैं. इसलिए, जब समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी प्रकट हुईं, तो यह अप्रत्यक्ष रूप से पद्मावती देवी का भी एक रूप है. यहा पद्मावती देवी स्वयंमभू है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a… और पढ़ें

न्यूज़18 हिंदी को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homemadhya-pradesh

जेल की चारदीवारी में भी झलक रही माँ की महिमा, 682 कैदियों ने रखा नवरात्रि व्रत



Source link