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ईशांत शर्मा भारत के दो महानतम कप्तानों, एमएस धोनी और विराट कोहली, के नेतृत्व में खेले.अलग लेकिन समान रूप से सफल. ईशांत ने अपने 103 टेस्ट मैचों में से 90 धोनी (47) और कोहली (43) के नेतृत्व में खेले. 80 में से 75 वनडे मैच, क्रमशः 69 और 6, उनके नेतृत्व में खेले. जबकि उनके सभी 13 टी20 मैच कैप्टन कूल के नेतृत्व में खेले. दोनों की कप्तानी पर खुल के बातचीत करते ईशांत शर्मा ने कहा कि एक बात दोनों महान कप्तानों में कॉमन थी और वो था प्लानिंग.
इस सफलता का एक कारण यह भी है कि ईशांत शर्मा भारत के दो महानतम कप्तानों, एमएस धोनी और विराट कोहली, के नेतृत्व में खेले.अलग लेकिन समान रूप से सफल. ईशांत ने अपने 103 टेस्ट मैचों में से 90 धोनी (47) और कोहली (43) के नेतृत्व में खेले. 80 में से 75 वनडे मैच, क्रमशः 69 और 6, उनके नेतृत्व में खेले. जबकि उनके सभी 13 टी20 मैच कैप्टन कूल के नेतृत्व में खेले. दोनों की कप्तानी पर खुल के बातचीत करते ईशांत शर्मा ने कहा कि एक बात दोनों महान कप्तानों में कॉमन थी और वो था प्लानिंग.
ईशांत शर्मा ने धोनी की कप्तानी पर बात करते हुए कहा कि माही भाई ऐसे इंसान हैं जो फ़ील्ड पर चीज़े करते हैं. उनको फ़ील्ड पर प्लान करना पसंद था वह ऐसे व्यक्ति थे जो पहले से योजना नहीं बनाते थे, बल्कि मैदान पर फ़ैसले लेते थे. योजना खेल की स्थिति के आधार पर बनती थी,” इशांत ने पॉडकास्ट में अपनी बात कही. एमएस धोनी बैठकों में ज़्यादा विश्वास नहीं रखते थे. उनका एक सीधा-सा फ़ंडा था कि आप तभी सीखेंगे जब आप गलतियाँ करेंगे. उन्होंने कहा, “उनका मानना था कि यदि आप एक गलती करते हैं और अगली गलती करने में आपको कितना समय लगता है, यही निरंतरता है.
311 टेस्ट विकेट लेने वाला यह तेज़ गेंदबाज़ कोहली के नेतृत्व में एक अलग ही रूप में उभर कर सामने आया. अपने चरम पर, उसने जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव के साथ एक तेज़ गेंदबाज़ चौकड़ी बनाई लेकिन उसके लिए, कोहली और धोनी के बीच एकमात्र फ़र्क़ यह था कि कोहली के पास हमेशा एक बुनियादी योजना होती थी जबकि धोनी के पास नहीं. विराट के साथ, ऐसा नहीं था. एक बुनियादी योजना होती थी और फिर चीज़ें कैसे आगे बढ़ती थीं उसके आधार पर हम आकलन करते थे और फ़ैसले लेते थे.
साफ है दोनों कप्तानों की लीडरशिप क्वालिटी भले ही अलग थी पर दोनों के पास कमाल की मैन मैनेजमेंट स्किल थी जिससे भारतीय क्रिकेट को बहुत फायदा हुआ.