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Navratri Famous Mithai: सागर में नवरात्रि पर एक अनोखी मिठाई मिलती है. इसका स्वाद व्रती भी लेने आते हैं. क्योंकि, 96 साल से इसकी शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है.
Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर की गलियों में छिपा स्वाद भी मशहूर है. यहां चिरौंजी की बर्फी, गुजराती नमकीन, बनारसी पान और सिंघाड़ा पाग जैसी मिठाइयां त्योहारों और खुशियों के मौकों पर हर घर तक पहुंचती हैं. लेकिन, यहां के सिंघाड़ा पाग का स्वाद कुछ अलग है. 96 साल से बिल्कुल उसका जलवा बरकरार है. हर नवरात्रि पर इसकी डिमांड आसमान पर होती है.
इन दिनों तीन बत्ती गौर मूर्ति के पीछे स्थित चौधरी मिष्ठान पर रोजाना सिंघाड़ा पाग तैयार किया जाता है. दुकान के संचालक रमेश चौधरी बताते हैं कि उनके पिता स्व. जमुना प्रसाद चौधरी ने 96 साल पहले इस दुकान की नींव रखी थी. उस समय चिरौंजी बर्फी और सिंघाड़ा पाग दोनों साथ-साथ बनते थे. पहले यह मिठाई केवल पूर्णिमा, एकादशी, दिवाली और नवरात्र पर बनाई जाती थी, लेकिन स्वाद के चलते मांग इतनी बढ़ी कि अब इसे रोज तैयार करना पड़ता है.
शुद्धता पर खास ध्यान
रमेश चौधरी कहते हैं कि व्रत करने वाले ग्राहकों की शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है. सिंघाड़े का आटा केवल दमोह जिले से मंगाया जाता है, जहां खड़े सिंघाड़ों को धूप में सुखाकर फिर चक्की से पिसवाया जाता है. मावा भी एक खास गांव से आता है, जहां का परिवार 96 साल से लगातार चौधरी मिष्ठान को शुद्ध मावा सप्लाई करता आ रहा है. स्वाद बढ़ाने के लिए हल्का इलायची पाउडर भी मिलाया जाता है.
बनाने की विधि और कीमत
सिंघाड़ा पाग बनाने की प्रक्रिया में करीब दो घंटे लगते हैं. सबसे पहले सिंघाड़े का आटा और मावा अच्छे से मिक्स किया जाता है. फिर इन्हें पिप्टी पर घिसकर कड़ाही में डाला जाता है और 10-15 मिनट तक सेंका जाता है. सफेद रंग से लाल पड़ने के बाद इन्हें शक्कर की चाशनी में डालकर पकाया जाता है. करीब 15 मिनट बाद यह खाने के लिए तैयार हो जाता है. इसकी मौजूदा कीमत 400 रुपये प्रति किलो है.
नवरात्रि में बढ़ती मांग
नवरात्रि के दौरान सिंघाड़ा पाग की मांग कई गुना बढ़ जाती है. रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक इसे खरीदने आते हैं. यह व्रत में खाने के लिए खास और लोकप्रिय मिठाई है, जो स्वाद और परंपरा दोनों को संजोए हुए है. 96 साल पुरानी यह परंपरा आज भी सागर की पहचान बनी हुई है.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें