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Sanju Samson Mohanlal Remark: संजू सैमसन मलयालम एक्टर मोहनलाल की तरह टीम इंडिया में हर तरह के रोल करना चाहते हैं. उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में अपना नाम संजू मोहनलाल सैमसन कहा. संजू ने स्पष्ट कर दिया कि वो टीम इंडिया में ओपनर से लेकर मिडिल ऑर्डर और फिनिशर की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं.
संजू सैमसन ने मजेदार अंदाज में जवाब दिया. (News18)मैं सिर्फ हीरो नहीं बन सकता
संजय मांजरेकर ने उनसे सीधा सवाल पूछा कि कौन-सा बैटिंग पोजीशन उन्हें सबसे ज्यादा सूट करता है, तो सैमसन का जवाब फिल्मी अंदाज में आया. उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ हीरो नहीं बन सकता, कभी-कभी विलेन भी बनना पड़ता है.” एक्टर मोहलाल जिन्हें हाल ही में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया है, वो 30-40 साल से हर तरह की भूमिकाएं निभा रहे हैं. हीरो, विलेन, कॉमिक रोल – सब कुछ. ठीक उसी तरह क्रिकेटर को भी बहुआयामी होना चाहिए. “मैं क्यों कहूं कि मैंने ओपनिंग में रन बनाए हैं, तो मैं सिर्फ वहीं अच्छा हूं? क्यों न मैं मिडल ऑर्डर में भी अच्छा साबित होकर दिखाऊं, क्यों न फिनिशर बनकर मैच जिताऊं? हीरो के साथ-साथ विलेन बनने में भी मजा है.”
संजू मोहनलाल सैमसन…
संजू सैमसन का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. क्रिकेट फैंस को संजू की यह सोच बेहद पसंद आई क्योंकि यह उनके प्रोफेशनल रवैये और टीम-फर्स्ट एटीट्यूड को दर्शाता है. संजू ने खुद को “संजू मोहलाल सैमसन” कहकर मजाक भी किया और यह जता दिया कि वे किसी एक भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहते. भारतीय क्रिकेट में अक्सर खिलाड़ियों को तय स्लॉट्स में ही फिट किया जाता है, लेकिन सैमसन जैसे खिलाड़ी टीम के लिए हर रोल निभाने को तैयार हैं. यही वजह है कि उनका बयान सिर्फ एक इंटरव्यू तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक प्रेरणादायक संदेश बन गया.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें