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भारत के करुण नायर वो खिलाड़ी जिसने महज़ अपने तीसरे टेस्ट में तिहरा शतक लगाकर इतिहास रच दिया था, आज वह टीम इंडिया की चयन सूची में कहीं नज़र नहीं आता. वेस्टइंडीज़ के खिलाफ हाल ही में घोषित टीम में उनका नाम नहीं था. इंग्लैंड दौरे पर मिला आखिरी मौका भी वो भुना नहीं पाए। अब सवाल उठ रहे हैं – क्या करुण नायर का अंतरराष्ट्रीय करियर यहीं थम गया.
भारत के करुण नायर वो खिलाड़ी जिसने महज़ अपने तीसरे टेस्ट में तिहरा शतक लगाकर इतिहास रच दिया था, आज वह टीम इंडिया की चयन सूची में कहीं नज़र नहीं आता. वेस्टइंडीज़ के खिलाफ हाल ही में घोषित टीम में उनका नाम नहीं था. इंग्लैंड दौरे पर मिला आखिरी मौका भी वो भुना नहीं पाए। अब सवाल उठ रहे हैं – क्या करुण नायर का अंतरराष्ट्रीय करियर यहीं थम गया.
तिहरा शतक लगाने के बावजूद, करुण नायर को अगले कई टेस्ट तक टीम में जगह नहीं मिली जब मिली, तो या तो उनकी बैटिंग पोजीशन बदली गई या उन्हें लगातार टीम से अंदर-बाहर किया गया. इतने उतार-चढ़ाव में कोई भी बल्लेबाज़ अपना आत्मविश्वास खो सकता है. 2025 में इंग्लैंड दौरे पर करुण को एक और मौका मिला नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी का. कुल 4 टेस्ट में 205 रन बनाने वाले करुण अब वेस्टइंडीज़ सीरीज़ की टीम से बाहर हैं और ये अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या ये करुण नायर के करियर का अंत होने वाला है.
आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए, तो करुण नायर का टेस्ट करियर छोटा रहा 10 टेस्ट में वो कुल 579 रन ही बना पाए. लेकिन ये आंकड़े उनके स्किल का पूरा सच नहीं कहते. उन्हें कभी एक स्थायी स्थान नहीं मिला, न ही टीम मैनेजमेंट का वैसा भरोसा जो कुछ और खिलाड़ियों को लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद मिलता रहा है.
कभी-कभी एक ऐतिहासिक पारी आपकी सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. हर बार जब करुण नायर मैदान पर उतरे, उनसे 300 रन की उम्मीद की गई. लेकिन क्रिकेट में निरंतरता और समर्थन दोनों का मेल ज़रूरी होता है
करुण नायर अभी महज़ 33 साल के हैं। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन आज भी मजबूत है. उनके पास वक्त है खुद को फिर से साबित करने का, खुद को फिर से दुनिया के सामने लाने का. IPL या घरेलू टूर्नामेंट्स में एक बड़ा सीजन और टीम इंडिया फिर से नज़र डाल सकती है. लेकिन हकीकत ये है कि वक्त तेज़ी से निकल रहा है, और मौकों की संख्या सीमित होती जा रही है.