ज्ञापन सौंपते विहिप के पदाधिकारी।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में गोमांस को करमुक्त करने की अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे जनभावनाओं के विपरीत और गौ-संरक्षण की नीतियों के विरोधाभा
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विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री पंकज श्रीवास्तव ने कहा, एक तरफ सरकार गो-संरक्षण वर्ष मना रही है और दूसरी तरफ गौमांस को करमुक्त कर गौहत्या को बढ़ावा दे रही है। यह सीधा-सीधा हिंदू समाज की आस्था पर आघात है। उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए इस अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते विहिप के पदाधिकारी।
विश्व हिंदू परिषद ने अपने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। संगठन ने न केवल गौमांस को करमुक्त करने वाली अधिसूचना को तत्काल रद्द करने की मांग की है, बल्कि गोमांस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी अपील की है। इसके अलावा, ज्ञापन में छोटे शहरों और तहसीलों में चल रहे अवैध कसाईखानों पर कठोर कार्रवाई, राज्य और जिला स्तर पर कसाईखाना नियंत्रण समितियों का गठन, और मांस बाजारों में गौमांस की मिलावट की जांच के लिए रैंडम सैंपल टेस्टिंग की भी मांग की गई है।
संगठन ने अपने ज्ञापन में यह भी सुझाव दिया है कि गोमांस और गोबर से बने उत्पादों को करमुक्त करके गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि गौमांस की खाद्य सामग्री की श्रेणी से बाहर रखा जाए, क्योंकि यह हिंदू समाज की आस्था का विषय है।
तहसीलदार राजीव मिश्रा ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए बताया कि विश्व हिंदू परिषद ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सोपा है और ज्ञापन को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
VHP ने कहा अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने कहा,यह फैसला वापस नहीं लिया तो पूरा हिंदू समाज सड़क पर उतरकर इसका विरोध करेगा।
