बड़वानी जिले में केले के दामों में भारी गिरावट से किसान परेशान हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार केले के भाव 70% तक गिर गए हैं। जहां पिछले साल नवरात्रि के दौरान केला ₹2000 प्रति क्विंटल बिक रहा था, वहीं अब ₹600-700 प्रति क्विंटल पर भी खरीदार नहीं मि
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ग्राम सेगांवा के किसान लोकेश मालविया ने बताया कि उन्होंने 5 हेक्टेयर में केले की फसल लगाई है। उन्होंने पौधे लगाने, खाद-बीज और निंदाई-गुड़ाई सहित अन्य खर्च किए हैं और उत्पादन भी अच्छा हुआ है। हालांकि, भाव न मिलने के कारण फल पेड़ पर ही पककर गिरने लगे हैं, जिससे उन्हें औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अधिक बारिश से रोग का प्रकोप बढ़ा
बड़वानी जिले की नर्मदा पट्टी क्षेत्र में उत्पादित केले की मांग इराक, ईरान सहित खाड़ी देशों तक रहती है। किसानों के अनुसार, अत्यधिक बारिश के कारण केले की फसल पर मच्छर और रोग का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते केला पेड़ पर ही पक रहा है और आगे की मंडियों में मांग न होने के कारण व्यापारी केला खरीदने नहीं आ रहे हैं।
किसानों ने की मुआवजे की मांग
लोकेश मालविया ने बताया कि केले की प्रति क्विंटल लागत लगभग ₹800 आती है, जबकि इस बार उन्हें ₹600 प्रति क्विंटल का भाव भी नहीं मिल रहा, जिससे भारी घाटा हो रहा है। उन्होंने अत्यधिक बारिश से फसल प्रभावित होने को प्राकृतिक आपदा बताते हुए सरकार से नुकसानी का सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।

केले पौधे में लगे लगे ही पक रहे हैं, क्योंकि खरीददार नहीं मिल रहे।
किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो केले की खेती करना मुश्किल हो जाएगा। उन्हें सरकार से मदद और उचित बाजार उपलब्ध कराने की उम्मीद है ताकि वे इस संकट से उबर सकें।