भारत के साथ राजनीतिक तनाव के कारण पाकिस्तान ने एक बड़ा कदम उठाया है. पाकिस्तान ने भारत में 27 सितंबर से शुरू हो रही वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का बहिष्कार किया है. हाल ही की घटनाओं के बाद बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान की राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने सरकारी सलाह का हवाला देते हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का बहिष्कार करने का ऐलान किया है.
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप से हटा पाकिस्तान
पाकिस्तान की राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के महासचिव इमरान जमील शमी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने इस चैंपियनशिप के लिए पुरुषों की F37 थ्रोइंग कैटेगरी में अपने टॉप पैरालिंपियन हैदर अली को रजिस्टर किया था. हैदर अली ने 2019 में टोक्यो पैरालिंपिक में गोल्ड और दुबई वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था.
भारत से तनाव के कारण उठाया बड़ा कदम
इमरान जमील शमी ने आगे कहा, ‘हां, NPCP ने भारत में होने वाले आयोजन का बहिष्कार किया है. हमने वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए अपना दल भारत नहीं भेजने का फैसला किया है, क्योंकि पाकिस्तान को अपने एथलीटों, कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजरों की सुरक्षा की चिंता है.’
हैदर अली को आना था भारत
इमरान जमील शमी ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच राजनीतिक गतिरोध के कारण हमारी सरकार ने हमें टीम न भेजने की सलाह दी थी. आप स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं. दुबई में एशिया कप में दोनों क्रिकेट टीमों के बीच क्या हो रहा है, यह कोई भी देख सकता है.’ हैदर अली ने एफ37 कैटेगरी में अपनी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के कारण इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया था, जो डिस्कस और शॉटपुट जैसी स्पर्धाओं में भाग लेने वाले पैरा एथलीटों के लिए निर्धारित है.
टोक्यो पैरालिंपिक में जीता था गोल्ड मेडल
हैदर अली ने टोक्यो पैरालिंपिक में शॉटपुट में गोल्ड मेडल जीतकर पाकिस्तान को पहला मेडल दिलाया था. पेरिस पैरालिंपिक में हैदर अली ने डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इमरान जमील शमी ने कहा, ‘हमने हैदर अली के वीजा के लिए आवेदन नहीं किया था. हमने उन्हें सूचित किया था कि वह नहीं जा रहे हैं. यह हमारा फैसला था. हमें लगा कि टीम भेजने के लिए माहौल अनुकूल नहीं था.’