जबलपुर में दुर्गोत्सव के दौरान पंडालों में विद्युत साज-सज्जा के चलते पिछले चार दिन में दो बच्चों सहित तीन की मौत हो चुकी है। आयोजकों ने टीसी कनेक्शन तो लिए हैं, पर यह दिखावे के हैं। असल में चोरी की बिजली से पंडाल रोशन किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, लो
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भास्कर रिपोर्टर ने बरगी हिल्स की झांकी में माैके पर जाकर देखा तो हकीकत सामने आ गई। इसी झांकी के सामने विद्युत साज-सज्जा की गई है। सड़क पर लोहे के पाइप लगाकर झालर लटकाई गई हैं। इनमें से एक खंभे को छूने पर 8 वर्षीय आयुष झारिया और 10 वर्षीय वेद श्रीवास को करंट लगा और उनकी मौत हो गई। यहां सिर्फ एक खंभे में करंट नहीं था, बल्कि 20 खंभों में दौड़ रहा था। दरअसल, कनेक्शन करने वाले ने खुले तार छोड़ दिए थे, जो बारिश और हवा के चलते खंभों से टकरा गए और करंट फैल गया।
बुधवार की यहीं पर दुर्गा पंडाल सजाते समय हादसा हुआ था।
20 खंभों में दौड़ रहा था करंट
बरगी हिल्स में सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति 10 साल से दुर्गा प्रतिमा की स्थापना कर रही है। यहां देखा कि झांकी और सड़क पर विद्युत साज-सज्जा करने वाले कर्मचारी और डेकोरेटर ने खुले तारों को टेप से बंद करने की बजाय चुनरी से बांध दिया था। जिस कारण बायर लोहे के पाइप (खंभे) से टच हो रहे थे और सड़क के दोनों ओर 20 खंभों में करंट था। समिति ने टीसी कनेक्शन तो लिया था पर तीन अवैध कनेक्शन से लाइट और हेलोजन जलाई जा रही थीं।

इसी लोहे की पाइप की चपेट में आने से दोनों बच्चों की जान गई थी।
बरगी हिल्स के वाले दीपक साहू ने बताया कि घटना आरती के समय हुई। आयुष और वेद कॉलोनी के 10-15 लड़कों के साथ खेल रहे थे। आरती के बाद बच्चे सड़क पार करने लगे। दोनों ने डिवाइडर पर लगे खंभे को पकड़ा तो करंट की चपेट में आ गए और दूर जा गिरे। दोनों को उठाकर पहले झांकी में लाए, उनके चेहरे पर पानी डाला पर जब वे होश में नहीं आए तो मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए।
दीपक साहू का कहना था कि बुधवार शाम लाइट लगाने वाले व्यक्ति झालर एवं अन्य का सही तरीके से कनेक्शन नहीं कर रहे थे। तार जगह-जगह से कटे थे, खुले थे। जहां पर उन्हें टेप लगाना था, वहां पर कपड़े की चुनरी बांध दी। उसी दौरान हल्की बारिश हो गई और हवा भी चल रही थी, जिसके चलते खुले तार लोहे की पाइप के संपर्क में आ गए।
उन्होंने बताया कि झालर बांधने के लिए रस्सी की मदद ली जाती है, पर लाइट लगाने वाले कर्मचारियों ने जीआई तार (लोहे से बनी होती है) को फैला रखा था, जिससे स्वाभाविक था कि खुले तार से करंट फैलता ही। घटना के बाद खंभों को चेक करने के लिए जब बल्ब की मदद ली गई, तो देखा कि बल्ब का एक हिस्सा खंभा और दूसरा जमीन पर टच किया तो वह जल उठा।

दो बच्चों की मौत के बाद से दुर्गा पंडाल में छा गया मातम।
10 फीट ऊंचे लगे थे पाइप-तार कई जगह कटे थे
पीएचई कालोनी में रहने वाले वीरेंद्र ने दैनिक भास्कर को बताया कि लाइट लगाने वालों से वहां मौजूद लोगों ने कहा था कि बारिश का समय है, तार ठीक से लगाना। कर्मचारियों ने 10 फीट ऊंचे पाइप लगाए और झालर लगा दी। घटना के बाद आई बिजली विभाग की टीम की जांच में पता चला कि कई जगह कटे हुए तार को पॉलीथिन से बांधा गया था।

मौके पर पहुंचकर खंभे पर जांच करते हुए बिजली विभाग की टीम।
दादा बोले-बच्चे क्यों रो रहे हैं
दोनों बच्चों को करंट लगते ही अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अन्य बच्चे रोने लगे, जिनकी आवाज सुनकर आयुष के दादा मूलचंद ने वहां बैठे युवकों को देखने को बोला। युवक मौके पर गए और मूलचंद को आकर बताया कि उनके नाती को करंट लगा है। मूलचंद दौड़े-दौड़े वहां पहुंचे और सभी दोनों बच्चों को उठाकर झांकी में लाए। फिर अस्पताल ले गए।
चोरी की बिजली से सजा था पंडाल
बिजली विभाग के एई ने बताया कि डायरेक्ट खंभे से दुर्गा पंडाल के लिए बिजली चोरी की जा रही थी, इसके साथ ही जांच के दौरान यह देखा गया कि तार कई जगह से कटे थे। उन्होंने बताया कि समिति ने टीसी कनेक्शन जरूर लिया था, पर वह सिर्फ दिखावे का था, जिसका उपयोग दुर्गा पंडाल के लिए किया जा रहा था,उसमें से भी एक-दो फेस से डायरेक्ट कनेक्शन किए हुए थे।
बिजली विभाग में पदस्थ सहायक अभियंता दिनेश पाल ने बताया कि अवैध रूप से तीन कनेक्शन किए गए थे, एक टीसी के साथ से जोड़ा गया था, जो कि पंडाल में था, दूसरे अवैध कनेक्शन से कई हैलोजन जलाए जा रहे थे, और तीसरे अवैध कनेक्शन से सड़क पर झालर लगाई गई थी, जहां पर ये दुर्घटना हुई है।

सहायक अभियंता दिनेश पाल ने बताया कि अवैध रूप से तीन कनेक्शन किए गए थे।
चार दिन में दो घटना-तीन मौत
बुधवार को बरगी हिल्स में हुई घटना से चार दिन पहले गढ़ा क्षेत्र में भी करंट लगने से 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। शारदा चौक स्थित दुर्गा पंडाल के गेट में शिवम साथियों के साथ लोहे के पाइप खड़े कर रहा था, तभी पाइप हाईटेंशन लाइन से टकराने के कारण शिवम चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में उसका एक साथी अभिषेक मसकुले भी गंभीर रूप से झुलस गया, जिसका मेडिकल काॅलेज में इलाज चल रहा है।

चार दिन पहले गढ़ा में भी दुर्गा पंडाल सजाने के दौरान करंट की चपेट में आने से युवक की मौत हुई।
सभी झांकियों का निरीक्षण करेंगे बिजली कर्मचारी
घटना के बाद कलेक्टर के निर्देश पर विद्युत सुरक्षा 25 टीम बनाई गई हैं, जो जिले के सभी दुर्गा पंडालों में जाकर निरीक्षण करेगी। यह टीम देखेगी कि कहीं कुछ लापरवाही तो बरती नहीं जा रही है। गुरुवार रात इस टीम ने शहर में कई दुर्गा पंडालों का विद्युत सुरक्षा के मद्देनजर निरीक्षण किया। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री सिटी सर्किल संजय अरोरा कहते हैं कि दल शहर के सभी दुर्गा पंडालों की जांच करेंगे और कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार को तत्काल दूर करने की हिदायत देंगे। खामियों को दूर नहीं करने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही भी की जाएगी।
पंडाल की बिजली काट दी
सिविल लाइन स्थित महादेव दुर्गा उत्सव समिति के पंडाल में तार कटे पाए जाने पर विद्युत सप्लाई बंद कराई गई और पंचनामा बनाकर विद्युत ठेकेदार के लाइसेंस के निलंबन की कार्यवाही की गई।
दो-दो लाख रुपए की सहायता स्वीकृत
बुधवार को बरगी हिल्स में दुर्गा पंडाल के बाहर मृत दोनों बच्चों के परिजनों को रेडक्रॉस सोसायटी से दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी गई है। सहायता राशि के चेक तैयार कर लिए गए हैं, बच्चों के परिजनों को शुक्रवार को सौंपे जाएंगे।