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Axar Patel Drop Catch on Dead Ball: पथुम निसांका ने शानदार शॉट लगाया, बाउंड्री पर अक्षर पटेल ने कैच टपका दिया. बॉल सीधे छक्के के लिए चली गई. इसके बावजूद छक्का नहीं दिया गया. श्रीलंकाई टीम निराश हो गई और भारत ने राहत की सांस ली.
अक्षर पटेल ने कैच टपकाया. नई दिल्ली. एशिया कप 2025 के आखिरी सुपर-4 मैच के दौरान लक्ष्य का पीछा कर रही श्रीलंका की टीम के साथ एक मजेदार वाक्या हुआ. कायदे से तो श्रीलंका को छह रन मिलने चाहिए थे लेकिन अंपायर ने फैसला पलट दिया. गेंद बाउंड्री लाइन पर खड़े अक्षर पटेल के हाथों पर टप्पा खाते हुए सीधे छक्के के लिए चली गई. सब कुछ इतना नाटकीय तरीके से हुआ कि हर कोई हैरान था. मैच धीरे-धीरे भारत की पकड़ से बाहर जाता नजर आ रहा था. ऐसे में टीम इंडिया के प्लयर्स और दर्शक अक्षर पटेल से नाराज नजर आ रहे थे. इसी बीच अंपायर ने तुरंत फैसल पलट दिया और इसे डेड बॉल करार दिया.
हुआ कुछ यूं कि वरुण चक्रवर्ती गेंदबाजी अटैक पर थे. श्रीलंका के बल्लेबाज पाथुम निसंका स्ट्राइक पर थे. गेंदबाज ने अपनी डिलीवरी स्ट्राइड पूरी की और गेंद फेंकी. निसंका ने जोरदार शॉट खेला और गेंद सीधा लॉन्ग-ऑन की ओर गई, जहां अक्षर पटेल खड़े थे. यह कैच अक्षर के लिए काफी आसान लग रहा था. गेंद उनकी हथेलियों में भी आ गई, लेकिन वो इसे पूरी तरह से पकड़ने से चूक गए. नतीजा यह हुआ कि गेंद बाउंड्री लाइन के पार चली गई और यह सीधा छक्का माना जाता. निसंका और श्रीलंका के दर्शक खुशी से झूम उठे.
अंपायर ने क्यों माना इसे डेड बॉल?
लेकिन तभी मैदान पर खड़े अंपायर इजातुल्लाह सकी ने सभी को चौंकाते हुए छक्के का इशारा करने के बजाय “डेड-बॉल” का सिग्नल दे दिया. यह फैसला देखकर श्रीलंकाई ड्रेसिंग रूम और फैन्स हैरान रह गए, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने राहत की सांस ली. दरअसल, इसका कारण यह था कि भारत के ओपनर अभिषेक शर्मा उस समय चोटिल होने के बाद मैदान से बाहर जा रहे थे और वह पूरी तरह से बाउंड्री लाइन पार नहीं कर पाए थे. क्रिकेट के नियमों के अनुसार, जब तक कोई खिलाड़ी मैदान से पूरी तरह बाहर नहीं जाता, नया खिलाड़ी रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं आ सकता और खेल को वैध रूप से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता.
श्रीलंका की टीम हो गई निराश
अंपायर ने बड़ी सूझबूझ दिखाते हुए गेंदबाज की डिलीवरी को अवैध करार दिया और “डेड-बॉल” घोषित कर दिया. यानी निसंका का वह शॉट, अक्षर का कैच टपकाना और गेंद का छक्के के लिए जाना सब कुछ रद्द हो गया. बल्लेबाज को न तो रन मिला और न ही छक्का. यह फैसला भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत लेकर आया क्योंकि अक्षर पटेल की गलती टीम को भारी पड़ सकती थी. वहीं श्रीलंकाई फैन्स और बल्लेबाजों को थोड़ी निराशा जरूर हुई, लेकिन नियमों के हिसाब से अंपायर का फैसला बिल्कुल सही था.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें