भिंड जिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों को ताक पर रखते हुए रेत माफिया फिर से खुलेआम सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीण इलाकों में रात के अंधेरे में अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला तेज हो गया है। लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन को सब कुछ पता हो
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गिरवासा और ओझा खदानों में हो रहा अवैध रेत खनन
स्थानीय लोगों ने बताया कि असवार थाना क्षेत्र की गिरवासा रेत खदान और नयागांव थाना क्षेत्र की ओझा रेत खदान में लगातार अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक खदानों में ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत भरकर चोरी की जाती है।
एक ग्रामीण ने बताया कि कई बार हथियारबंद लोग खदान पर मौजूद रहते हैं, जिससे कोई विरोध नहीं कर पाता। डर के कारण लोग खुलकर शिकायत करने से भी बचते हैं।
40 से 50 ट्रॉली रेत रोज ले जाई जा रही
गिरवासा खदान से रोजाना 40 से 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत भरकर बाहर भेजी जा रही है। यह सब रात के समय किया जा रहा है, ताकि किसी की नजर न पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि यह काम लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब तक कोई रोक नहीं लगी है।
कलेक्टर-विधायक बहस के बाद फिर गरमाया मुद्दा
कुछ समय पहले रेत चोरी और खाद की कालाबाजारी को लेकर भिंड कलेक्टर और एक विधायक के बीच बहस हो चुकी है। उस समय यह मामला चर्चा में आया था और प्रशासन पर सवाल उठे थे। खाद का मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ था कि अब रेत चोरी का मामला फिर सामने आ गया है।
72 खदानों पर टेंडर तो हुए, पर कंपनी ने नहीं किया टेकओवर
जानकारी के मुताबिक, जिले की 72 रेत खदानों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन खदानें अब तक संबंधित कंपनियों को सौंपी नहीं गई हैं। इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया सिंध नदी से चोरी-छिपे रेत निकाल रहे हैं।
नियमों के बावजूद हो रहा खनन
एनजीटी के नियमों के अनुसार जुलाई से सितंबर तक वर्षा ऋतु में किसी भी नदी से रेत निकालना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पिछले एक सप्ताह से गिरवासा और ओझा खदान में रेत खनन जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस थानों को इस अवैध काम की जानकारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अधिकारी बोले- शिकायत मिलते ही कार्रवाई करेंगे
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस बारे में कोई पक्की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।