छत से नानीबाई को नीचे फेंका था जिससे इसकी मौत हो गई।
रतलाम के रावटी में 48 वर्षीय महिला की हत्या अंधविश्वास व जादू-टोना के शक में कर दी। हत्या करने वाले परिवार के ही लोग निकले। महिला की जेठानी ने अपने दो बेटों के साथ योजना बनाकर देवरानी को मौत के घाट उतारा। जेठानी के परिवार में लगातार मौतें हो रही थी।
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25 सितंबर की सुबह 6 बजे रावटी थाना के भीमपुरा गांव में अपने घर के बाहर नानी बाई उर्फ नर्मदा पति कैलाश भूरिया का खुन से लथपथ शव मिलता है। सबसे पहले मृतिका की जेठानी धन्नाबाई (55) पति बद्री भूरिया ने घर के पास से गुजर रहे गांव के हरिराम नामक एक व्यक्ति को इस बारे में बताती। हरिराम ग्राम पंचायत बीड़ के सरपंच लालसिंह भूरिया को सूचना देता है। सूचना मिलने पर एएसपी राकेश खाखा, एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल, सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल, रावटी थाना प्रभारी दीपक मंडलोई पहुंचते है।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी।
पुलिस हत्या मान जांच में जुटी घटना के हर एक बिंदु को बारीकी से जांचा जाता है। पुलिस हत्या मान जांच में जुटती है। मृतिका के आसपास के रहवासियों व ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि मृतिका की जेठानी धन्नाबाई पति बद्री भूरिया, उसके बेटे शंकर भूरिया एवं बापू भूरिया ने अंधविश्वास के कारण मृतिका को ‘डाकन’ (डायन) मानकर षड्यंत्रपूर्वक उसकी हत्या की।
पति-बेटे मजदूरी पर गए थे
घटना के दौरान महिला का पति सूरत मजदूरी करने गया था। मृतिका के दो बेटे और एक बेटी है, तीनों शादीशुदा है। बड़ा बेटा गुड्डू 10 दिन पहले मंदसौर के पिपलिया मंडी में पत्नी के साथ सोयाबीन काटने गया था। दूसरा बेटा अनिल भी मजदूरी के लिए राजस्थान के कोटा गया था। मां की मौत सूचना पर पति व दोनों बेटे रतलाम लौटे। जबकि दोनों के बच्चे घर पर ही दादी के पास थे।

मृतिका नानीबाई।
पोते-पोती के साथ सो रही थी
महिला अपने बेटे गुड्ड की बेटी लक्ष्मी (10), पायल (3) व दूसरे बेटे अनिल की बेटी रानू (8), बेटा कानू (6) व बेटी मोनिका के साथ सो रही थी। लक्ष्मी ने ही पास में रहने वाली जेठानी धन्नाबाई को जाकर बताया कि रात में दो लोग घर में घुस आए थे। दादी पर कुल्हाड़ी से हमला कर छत के नीचे फेंक दिया।
घर में से कोई सामान चोरी या लूट की पुष्टी नहीं हुई
इस हत्याकांड की जांच को लेकर एसपी अमित कुमार ने एएसपी राकेश खाखा के नेतृत्व में जांच टीम बनाई। टीम व फोरेंसिक अधिकारी में सबसे पहले जांच में यह पाया कि महिला की हत्या के बाद घर में से किसी प्रकार का कोई सामान चोरी नहीं हुआ। इससे पुलिस को शक गहरा गया कि यह कोई आपसी रंजिश या ओर कोई कारण हो सकता है।
पुलिस ने सबसे पहले ग्रामीणों व आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। क्लू मिलते ही जेठानी और उसके दोनों बेटों को पुलिस ने उठाया। पहले तो तीनों ने आनाकानी की। बाद में एक बेटा बापू भूरिया पुलिस के आगे टूट गया और पूरी कहानी बता दी।
पुलिस ने जेठानी धन्नाबाई (55) पति बद्री भूरिया इनके बेटे शंकर (36), बापु (32) निवासी ग्राम भीमपुरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

हत्या के आरोपी जेठानी धन्नाबाई व उसके दोनों बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जेठानी मेडिकल कॉलेज में थी मौजूद, मीडिया से बोली- कोई जानकारी नहीं
महिला के मौत की जानकारी के बाद पुलिस ने शव को पीएम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा था। उस समय मृतिका के परिवारजनों व ग्रामीणों के साथ जेठानी धन्नाबाई भी मौजूद थी। खुद जेठानी ने मीडिया को बताया था कि गुरुवार सुबह करीब 6 बजे मृतिका की पोती लक्ष्मी ने आकर उन्हें बताया था कि बड़ी बाई (दादी) छत से गिर गई है। तब वहां से गुजर रहे गांव के व्यक्ति जो वहां से गुजर रहा था, उसे रोका। घटना के बारे में बताया। इसके बाद ग्राम पंयाचत बीड़ के सरपंच लालसिंह भूरिया को सूचना दी। मृतिका के छत से गिरने के बारे में पूछा तो कहा था कि देवरानी कैसे गिरी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
बीमारी से ससुर, पति, दो बहू की हुई मौत
पुलिस ने जांच में पाया कि मृतिका नर्मदाबाई उर्फ नानीबाई की जेठानी धन्ना बाई पति बद्री भुरिया के बड़े बेटे शंकर की पहली पत्नी गंगा बाई की मौत 12 साल पहले हुई थी। इसके पहले गंगाबाई के पेट में एक बच्चे की मिस केरेज से मौत हुई थी।
इसके बाद बेटे ने दूसरी शादी रेखा बाई से की। एक माह पहले रेखा बाई की भी मौत हो गई। जबकि पिछले एक साल के अंदर धन्नाबाई के पति बद्री भूरिया व ससुर मनजी भूरिया की भी मौत हुई।
देवरानी के घर सब अच्छा था, यह देखकर शक हुआ एक माह पहले बहू की मौत के बाद परिवार की आर्थिक हालात खराब होने पर बहू के मौसर (अंतिम रस्म कार्यक्रम) भी धन्ना बाई व बेटे नहीं कर पाए। धन्नाबाई की देवरानी के परिवार में किसी को कोई बीमारी या अन्य समस्या नहीं थी। जबकि धन्ना बाई के घर में सभी की बीमारी के कारण मौत हो रही थी।
जेठानी धन्ना बाई व उसके बेटे शंकर व बापू ने परिवार के सदस्यों की मौत का कारण नानीबाई उर्फ नर्मदाबाई को माना और डाकन मानते हुए उसकी हत्या कर दी।
घटना के समय बच्चे नीचे जाकर सो गए थे
घटना के समय बच्चे नीचे कमरे में जाकर सो गए थे। जबकि घटना के अगले दिन 10 साल की पोती ने बताया था कि उसका भी गला दबाने की कोशिश की थी। जान बचाकर खेत में छिप गई थी। बाद में कमरे में आकर चुपचाप सो गए। इस दौरान सभी बच्चे भी छत से कमरे से नीचे आकर सो गए थे।

एसपी अमित कुमार ने घटना का खुलासा किया। गिरफ्त में आरोपी।
मरते समय आखरी में नानी बाई का नाम लिया पुलिस के अनुसार जेठानी की बहू रेखा बाई की एक माह पहले बीमारी के चलते मौत हुई थी। मरते समय आखरी में बहू ने नानीबाई का नाम लिया था। इससे जेठानी व उसके बेटों में यह शक पक्का हो गया था कि देवरानी व काकी ही जादू टोने करती है।
धन्नाबाई ने मृतिका के परिवार में इस बात का जिक्र किया था कि नानी बाई के कारण घर में मौतें हो रही हैं। मृतिका नानी बाई को एक बार इलाज के लिए जावरा के हुसैन टेकरी भी लेकर गए थे। कुछ दिन तक वहां पर रखा भी था।
अंधविश्वास के कारण मारा-एसपी
एसपी अमित कुमार ने बताया आरोपियों के परिवार में लगातार बीमारियों के चलते मौत हो रही थी। मृतिका के घर में सब कुछ ठीक था। इस कारण उसकी जेठानी को शक था कि देवरानी अंधविश्वास एवं तंत्र-मंत्र की क्रियाएं करती है। इसी कारण अपने दो बेटों के साथ योजना बनाकर महिला की हत्या की। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गांव में अंधविश्वास को लेकर संबंधित विभागों से समन्वय कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।