Suryakumar Yadav vs Salman Ali Agha: एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने हुईं. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार (28 सितंबर) को टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. पाकिस्तानी टीम जब बल्लेबाजी कर रही थी तो एक अजीब वाकया मैदान पर देखने को मिला. सूर्यकुमार और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा के बीच कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबका ध्यान खींच लिया.
अकरम को पसंद नहीं आई सूर्या की अपील
फाइनल के दौरान एक ऐसी घटना हुई जिसे पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने पसंद नहीं किया. सूर्यकुमार की एक अपील से वसीम अकरम साफ तौर पर निराश नजर आए. यह घटना पारी के 16वें ओवर में हुई. भारतीय कप्तान ने ‘फील्डिंग में बाधा’ (Obstruction of the Field) के लिए अपील की, उस समय कमेंट्री कर रहे पूर्व तेज गेंदबाज़ अकरम ने अपनी वास्तविक भावनाओं को व्यक्त करने में संकोच नहीं किया. उन्होंने टिप्पणी की, ”खेल भावना कहां है? अपील करने का कोई मतलब नहीं था.”
मैदान पर क्या हुआ?
दरअसल, 16वें ओवर की पहली गेंद पर अक्षर पटेल ने ऑफ स्टंप के बाहर एक फुल गेंद फेंकी. बल्लेबाज सलमान अली आगा ने गेंद को एक्स्ट्रा कवर फील्डर के बाईं ओर धकेला. सूर्यकुमार ने डाइव लगाई और गेंद को आधा बचा लिया. जैसे ही वह दौड़े, गेंद उठाई और वापस थ्रो किया, वह गेंद पाकिस्तान के कप्तान को लगी, जो क्रीज पर वापस जाने की कोशिश कर रहे थे. इस पर सूर्यकुमार ने अपील कर दी. सूर्या को लगा कि सलमान ने जानबूझकर गेंद को रोका है.
अंपायर ने सूर्या की अपील को नकारा
मामला तीसरे अंपायर के पास भेजा गया. अंपायर ने कुछ जांच की और फिर फैसला सुनाया कि यह जानबूझकर बाधा डालना नहीं था. अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट घोषित कर दिया. गौरतलब है कि संजय मांजरेकर इस समय अकरम के साथ कमेंट्री कर रहे थे. उन्होंने भी अपने सहकर्मी से हल्की सहमति जताई कि यह थोड़ा अनावश्यक था, क्योंकि सलमान आगा जानबूझकर थ्रो के रास्ते में नहीं थे.
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एमसीसी का नियम क्या कहता है?
एमसीसी का नियम 37 बल्लेबाज के आउट होने से संबंधित है. इसमें कहा गया है कि एक बल्लेबाज ‘फील्डिंग में बाधा’ डालने पर आउट होता है, यदि गेंद खेल में है और वह जानबूझकर शब्द या कार्य से फील्डिंग में बाधा डालता है या विचलित करता है. इसमें स्ट्राइकर द्वारा जानबूझकर बल्ले को न पकड़े हुए हाथ से गेंद को मारना भी शामिल है. बल्लेबाज तब आउट नहीं होता जब बाधा आकस्मिक हो, चोट से बचने के लिए हो या स्ट्राइकर के मामले में, विकेट की रक्षा के लिए विशुद्ध रूप से वैध दूसरा प्रहार हो.