WPAC 2025: शैलेश के बाद रिंकू का गोल्ड.. खेत में मशीन से कटा था हाथ, पत्थर फेंक-फेंककर आज बने वर्ल्ड चैंपियन

WPAC 2025: शैलेश के बाद रिंकू का गोल्ड.. खेत में मशीन से कटा था हाथ, पत्थर फेंक-फेंककर आज बने वर्ल्ड चैंपियन


WPAC 2025: वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में एक और गोल्ड मेडल भारत के खाते में जुड़ गया है. पहले शैलेश ने हाई जंप ने भारत को मेडल जीताकर खाता खोला था और अब रिंकू का डंका बज रहा है. आज रिंकू भले ही वर्ल्ड चैंपियन हैं लेकिन इसके पीछे की कहानी बड़ी दर्दनाक है. एक समय रिंकू हूडा को वो कष्ट मिला जिससे पूरे गांव में सन्नाटा फैला था. आज वो दर्द मिट चुका है और रिंकू वर्ल्ड चैंपियन बन चुके हैं.

शानदार रहा सोमवार का दिन

सोमवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जेवलिन का दिन बहुत शानदार रहा. पुरुषों के भाला फेंक F46 में रिंकू और सुंदर सिंह गुर्जर ने 1-2 का जलवा देखने को मिला. दोनों ने शानदार जीत हासिल की. अगर अजीत सिंह का दिन अच्छा होता तो मेजबान देश के लिए रात और भी यादगार हो सकती थी. वह चौथे स्थान पर रहे, रिंकू के लिए यह दिन बेहद खास था. उन्होंने अपनी चौथी थ्रो में 66.37 मीटर के साथ नया चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया. उनके परिवार और दोस्त स्टेडियम में मौजूद थे, और एक जोश से भरा हुआ भारी भीड़ उनका उत्साह बढ़ा रही थी.

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क्या बोले रिंकू?

रिंकू ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद कहा, ‘मैं अपने समर्थकों और परिवार का बहुत आभारी हूं. उनकी मौजूदगी ने मुझे बहुत प्रेरित किया. आज मेरा दिन था मौसम से लेकर सब कुछ मेरे साथ था.’ सालों पहले रिंकू के साथ भयावह एक्सीडेंट हुआ था. उनका हाथ खेत की मशीन में चला गया था, इस घटना के बाद किसी ने नहीं सोचा था वह अपने गांव और परिवार का नाम रोशन करेंगे.

रिंकू के पापा ने बताई दास्तान

रिंकू के चाचा वजीर सिंह हूडा ने बताया, ‘वह दिन हमारे लिए बहुत दुखद था. जब उसका हाथ चला गया तो पूरे गांव (धमार, रोहतक हरियाणा के पास) में हफ्तों तक सन्नाटा छा गया था. हमें लगा दुनिया खत्म हो गई, लेकिन जिंदगी आपको हैरान कर देती है जब आप देखते हैं कि आज वह कहां पहुंच गया है. हादसे के बाद, वह अपने खाली समय में हमारे घर के सामने झील में पत्थर फेंका करता था. यही वजह थी कि हमने उसे 9 साल की उम्र में रोहतक स्टेडियम भेजा.’ 

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नीरज चोपड़ा से भी बेहतर होते रिंकू

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कभी लगा कि अगर वह हादसा न हुआ होता, तो क्या होता? इसके जवाब में वजीर सिंह थोड़ी देर सोचते रहे और फिर बोले, “कौन जानता है क्या होता! वह नीरज चोपड़ा से भी बेहतर हो सकता था, एक बड़ा सितारा बन सकता था. लेकिन हो सकता है कि वह आज जो स्टार है, वह भी न बन पाता. हम भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं कि उसने एथलीट के रूप में इतना कुछ हासिल किया.’



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