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Agriculture News: मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है. अब धान की कटाई का समय आ गया है. अगले कुछ दिनों में कटाई शुरू हो जाएगी लेकिन रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की टेंशन बढ़ाई हुई है. अब धान की फसल की समय पर कटाई हो और फसल सुरक्षित घर आ सके, इसके लिए किसानों को मशीनों से काम लेना चाहिए.
आज हम धान की कटाई में उपयोग होने वाली पांच ऐसी मशीनों के बारे में जानेंगे, जो किसानों के काम को बेहद ही सरल और आसान बना देती हैं. यहां तक कि किसान सीधी उपज निकालकर मंडी में भी बेच सकते हैं.

कंबाइन हार्वेस्टर मशीन कई तरह के काम करती है. यह एक ही समय में कटाई, थ्रेशिंग और सफाई करती है. एक समय और एक जगह पर ये तीनों काम हो जाते हैं. इस मशीन में लगे कटिंग बार की लंबाई ढाई से 6 मीटर तक होती है. इतना ही नहीं, यह मशीन एक घंटे में 0.6 हेक्टेयर का काम करती है. यह मशीन गेहूं की फसल में भी काम करती है.

ऑटोमेटिक रीपर बाइंडर मशीन कटाई करने के साथ-साथ बंडल बनाने का काम भी करती है. यह मशीन कटाई के साथ-साथ उसके बंडल बनाकर जमीन पर गिराती जाती है. इस मशीन से एक साथ दो काम होते हैं, जिससे समय की बचत होती है. बाद में इससे फसल की थ्रेशिंग कर भूसा भी निकाला जा सकता है.

जिन किसानों के पास ट्रैक्टर है, तो वे वर्टिकल कन्वेयर रीपर भी खरीद कर धान कटाई में इस्तेमाल कर सकते हैं. यह मशीन धान को काटते हुए साइड में फसल को गिरा देती है. यह कई घंटों तक कटाई कर सकती है. इस वजह से समय और मेहनत दोनों की बचत होती है. जो किसान भाई ट्रैक्टर में जोड़ने वाली मशीन खोज रहे हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है.

ऑटोमैटिक रीपर मशीन से धान या गेहूं की कटाई में मेहनत नहीं लगती है. यह सोयाबीन में भी उपयोगी है. कटाई के दौरान मशीन खुद आगे बढ़ती है और फसल काटते हुए चलती है. इस मशीन की मदद से प्रति घंटा आधा एकड़ से ज्यादा फसल की कटाई की जा सकती है.

मैन्युअल वर्टिकल कन्वेयर रीपर लघु किसानों के लिए वरदान मशीन है. इसकी मदद से आसानी से धान और गेहूं की फसलों की कटाई कर सकते हैं. इस मशीन का ढांचा बहुत ही मजबूत होता है. किसान भाई इसे हाथ से चलाकर इसका उपयोग करते हैं. इसकी कीमत 8000 रुपये से शुरू होती है. अगर आपको सस्ती मशीन की तलाश है, तो यह बहुत अच्छा विकल्प है.

खेती में तकनीक का इस्तेमाल अब केवल विकल्प नहीं बल्कि बड़ी जरूरत बन चुका है क्योंकि मौसम की वजह से कब क्या हो जाए, किसान की फसल पर कब संकट आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. ऐसे में समय की कमी और मजदूरों के अभाव की भरपाई करने के लिए ये मशीनें बेहतर विकल्प हैं.

फसल कटाई में आधुनिक मशीनों का उपयोग करने से मजदूरों पर निर्भरता काम हो जाती है. समय पर फसल कटाई से उपज में प्रभाव दिखाई देता है. आधुनिक मशीनों में कम लागत से ज्यादा काम कर सकते हैं. वहीं इनकी खरीद पर सरकार से मिलने वाली सब्सिडी का भी लाभ मिलता है.