राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर स्थित महानदी पुल पिछले तीन साल से बंद है।
कटनी जिले में खजुराहो से अमरकंटक को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर स्थित महानदी पुल पिछले तीन साल से बंद है। पुल में दरार आने के कारण इसे आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था।
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इस कारण क्षेत्र के किसान, स्कूली बच्चे और आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। बरही नगर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-11 (NH-11) पर कुटेश्वर गांव के पास यह महानदी पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद है।
पुल बंद होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ कई राज्यों के यात्रियों का जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। महानदी पुल बंद होने से बरही से सटे कुटेश्वर, इटोरा, घुरहर, हरदुआ महानदी, धनवाही, मजगमा, आमातारा, धरी सहित दर्जनों गांवों के लोगों का सीधा संपर्क और आवाजाही बाधित हो गया है।
किसान और स्कूली बच्चे पुल पार न कर पाने से दूरी तय करते हुए।
यात्रियों को 30 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है
ग्रामीण सोने लाल ने बताया कि यदि किसी की अचानक तबीयत खराब हो जाए, तो उन्हें अस्पताल पहुंचने के लिए लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। किसान और स्कूली बच्चे भी पुल पार करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। यह मार्ग इलाहाबाद, बनारस, अयोध्या, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों को जोड़ता है।
साथ ही, यह खजुराहो, अमरकंटक और बांधवगढ़ नेशनल पार्क जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ और पर्यटन स्थलों को भी जोड़ता है। पुल बंद होने के कारण इन सभी मार्गों से आने-जाने वाले यात्रियों और तीर्थयात्रियों को रोजाना 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी उदासीन, बाईपास की घोषणा भी ठंडे बस्ते में तीन साल से पुल बंद होने के बावजूद इसे शीघ्र चालू कराने को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस पहल और प्रयास नहीं किए गए हैं।
जनता की समस्या कोई सुनने वाला नहीं है। पुल की मरम्मत और चालू कराने में निष्क्रियता के साथ-साथ, बरही नगर में बाईपास निर्माण को लेकर भी जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।

महानदी पुल के बंद होने से ग्रामीणों और यात्रियों को हो रही परेशानी।
15 साल पहले किया वादा आज तक पूरा नहीं
15 साल पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बरही नगर में बाईपास बनाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस घोषणा पर कोई अमल नहीं हुआ है। बरही नगर में खनिज संपदा का अकूत भंडार है, जिसके दोहन के लिए भारी वाहनों का दबाव नगर के भीतर की सड़कों पर रहता है।
भारी वाहनों के दबाव के चलते नगर में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं और गंभीर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम जनता को रोजमर्रा के जीवन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।