ग्वालियर के दाल बाजार स्थित एक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा। आदेश की अवहेलना होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ
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न्यायमूर्ति अनिल वर्मा ने 6 मार्च 2025 को पारित अपने अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए दोहराया कि प्रतिवादी उस भूखंड पर निर्माण नहीं कर सकते, जिसे याचिकाकर्ता मनीषा अग्रवाल ने अपने विक्रय विलेखों (सेल डीड्स) के जरिए खरीदा है।
दरअसल, मनीषा अग्रवाल और हरिबाबू शिवहरे के बीच दाल बाजार स्थित इस संपत्ति का विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। पूर्व में हाईकोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
याचिकाकर्ता मनीषा अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि उनके हिस्से की भूमि पर अतिक्रमण करते हुए निर्माण किया जा रहा है। आदेश का पालन न होने पर उन्होंने अवमानना याचिका दायर की और सबूत के तौर पर कोर्ट में तस्वीरें भी पेश कीं।