नहीं मिल रही उड़ान: ढाना हवाई पट्टी लेने नहीं आईं एयरलाइंस, क्योंकि रनवे की लंबाई सिर्फ 969 मीटर – Sagar News

नहीं मिल रही उड़ान:  ढाना हवाई पट्टी लेने नहीं आईं एयरलाइंस, क्योंकि रनवे की लंबाई सिर्फ 969 मीटर – Sagar News


ढाना हवाई पट्टी का व्यावसायिक उपयोग शुरू करने में एयरलाइंस रुचि नहीं दिखा रही हैं। इसका बड़ा कारण हवाई पट्टी का छोटा रनवे है और यहां से यात्रियों के मिलने की उम्मीद कम है। 2016 से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत अब तक ढाना हवाई पट्टी को पांच बार

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया कि क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को सस्ता करने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर 2016 को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) शुरू की है। यह एक मांग आधारित योजना है, इसमें एयरलाइन कंपनियां खास रूट पर संचालन की स्थिति का आंकलन करती हैं।

तय प्रक्रिया के अनुसार बोली लगाती हैं। योजना के प्रावधानों के अनुसार, किसी हवाई अड्डे को वैध बोली के माध्यम से चिह्नित करने और चयनित एयरलाइन ऑपरेटर को आवंटन के बाद, उन हवाई अड्डों का पुनरुद्धार और उन्नयन किया जाता है जो अभी तक सेवा में नहीं हैं या जिनकी सेवा कम है।

ढाना एयर स्ट्रिप सागर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना दस्तावेज में उन हवाई अड्डों की सूची में शामिल है जहां अभी तक सेवा नहीं है। उड़ान योजना के तहत अब तक हुए पांच बिडिंग राउंड में से किसी भी एयरलाइन ने सागर (ढाना) एयर स्ट्रिप से उड़ान संचालित करने का प्रस्ताव नहीं दिया है। इस कारण ढाना में एयर स्ट्रिप को इस योजना के तहत विकास के लिए नहीं चुना है।

एयरपोर्ट के संचालन के लिए यात्री भी जरूरी विमानन से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक केवल पट्टी लंबी हाे जाने से ही एयरपोर्ट नहीं बन जाएगा। एयरपोर्ट बनाने के लिए यहां से यात्री भी मिलने चाहिए। देश में ही ऐसे दर्जनों एयरपोर्ट हैं जाे बनने के बाद बंद हैं। उड़ान नहीं हाे रही है। निजी कंपनियां भी यात्री मिलने की उम्मीद हाेने पर ही आएंगी।

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में आया था प्रस्ताव

सागर में बीते साल सितंबर में हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में आए निवेश प्रस्तावों में एक प्रस्ताव ढाना एयर स्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का भी था। हालाँकि, इस पर अब तक कुछ नहीं हुआ है। यह ठंडे बस्ते में भी नहीं गया है। विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में बताया गया था कि एयरपोर्ट निर्माण के लिए ज़मीन का प्रस्ताव विमानन विभाग को भेजा गया है। यहाँ फ्लाई ओला कंपनी निवेश करना चाहती है। इसी कंपनी ने कॉन्क्लेव में प्रदेश के चार एयर स्ट्रिप को लेने का प्रस्ताव दिया था।

1.75 से 2 किलोमीटर करने की योजना

सागर की ढाना हवाई पट्टी का वर्तमान रनवे डामर का है। चौड़ाई 23 मीटर से बढ़ाकर 30 मीटर कर दी गई है। लंबाई 969 मीटर है, इसे बढ़ाकर 1.75 से 2 किलोमीटर तक करने की योजना है। लंबाई बढ़ने पर ही यहाँ से छोटे विमान उड़ पाएँगे और एयरलाइन रुचि दिखाएंगी। रनवे अभी एक एविएशन अकादमी के पास है।

एयर स्ट्रिप का लीज 2027 तक है। यहाँ पायलट प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहाँ 31 हेक्टेयर ज़मीन है। विमानन विभाग ने 21 बिंदुओं पर जानकारी माँगी थी, जिसे ज़िला प्रशासन ने विभाग को भेज दिया है। बीते साल 2024 में हवाई पट्टी की मरम्मत और चारदीवारी बनाने के लिए 7.17 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसकी देखरेख लोक निर्माण विभाग कर रहा है।

शासन स्तर से किए जा रहे प्रयास

लोनिवि के कार्यपालन यंत्री साहित्य तिवारी ने बताया कि एयर स्ट्रिप के लिए शासन स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। यह शासन की प्राथमिकता में शामिल है। माँगे जाने पर ज़रूरी जानकारी भेजी गई है। निजी एविएशन कंपनी में दिल्ली में कार्यरत एन शर्मा ने बताया कि यह सरकार के स्तर का बड़ा काम है। एयर स्ट्रिप का रनवे बढ़ने पर उम्मीद की जा सकती है, यह कैसे होगा यह शासन स्तर का काम है।



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