सीहोर जिले के रामाखेड़ी, बिलकिसगंज, भोजनगर और रलावती चंदेरी गांवों के किसान खराब हुई सोयाबीन फसल के मुआवजे की मांग को लेकर बीमा कंपनी का पुतला जलाएंगे। यह पुतला दशहरा के अवसर पर जलाया जाएगा।
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किसानों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों से उनकी सोयाबीन की फसल लगातार खराब हो रही है, लेकिन उन्हें बीमा का पैसा नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि बीमा कंपनियां प्रीमियम का पैसा तो ले लेती हैं, पर फसल खराब होने पर मुआवजा नहीं देतीं।
बीमा कंपनी के रावण का पुतला बनाया
किसानों ने खराब सोयाबीन की फसल से बीमा कंपनी का एक रावण बनाया है। यह पुतला बीमा कंपनियों द्वारा फसल के उचित भाव और बीमा राशि न दिए जाने के विरोध का प्रतीक है।
ऑटोमैटिक प्रीमियम काट लेती हैं कंपनी
किसान व समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा, मोतीलाल मेवाड़ा, राम सिंह मेवाड़ा और प्रेम सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि बीमा कंपनियां हर छह महीने में बैंक खातों से ऑटोमैटिक प्रीमियम काट लेती हैं। फसल खराब होने पर किसानों को कोई राशि नहीं मिलती।
किसानों की मांग है कि या तो बैंक बीमा राशि काटना बंद करें, या फिर खराब हुई फसल का उचित बीमा मुआवजा दिया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बीमा कंपनी के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे।