मंच से बोलते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत।
सागर जिले के जैसीनगर (जयसिंह नगर) का नाम बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दांगी क्षत्रिय समाज ने नाम परिवर्तन का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। इस बीच कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दशहरा कार्यक्रम में लोगों के बीच आकर इस मुद
.
मंत्री बोले- “प्रस्ताव आ जाए, घोषणा कर देंगे”
कार्यक्रम में मंच से मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है “वह प्रस्ताव आए तो घोषणा कर देंगे।” उन्होंने इस पर पूछते हुए कहा कि फिलहाल प्रस्ताव भी अभी तक नहीं गया है, और लोग पेट में सवाल काटने लगे। उन्होंने नाम बदलने के फैसले को लेकर लोगों के असमंजस और भावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे नगर का सम्मान हमारे राजाओं का सम्मान है।
मंत्री ने कहा, “जब 500 करोड़ की योजनाएं घोषित हो सकती हैं, तो जय सिंह की मूर्ति लगाने की घोषणा क्यों नहीं हो सकती?” उन्होंने यह भी कहा कि जीवंत ऐतिहासिक स्मृति को उजागर करने का उनका मकसद है।
“हमारी जैसीनगर को नहीं बदला जाएगा”
गोविंद राजपूत ने यह भी चेतावनी दी कि जैसीनगर की पहचान पर किसी का स्वार्थ नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जैसा नगर उनका परिवार है, और इसकी भावनाओं को कोई असम्मान नहीं कर सकता। मंच से उन्होंने बिना नाम लिए पूर्व मंत्री पर तंज भी कसा।
दांगी क्षत्रिय समाज ने पहले ही जताया विरोध
दरअसल, 25 सितंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनसभा में जैसीनगर का नाम जय शिवनगर करने की घोषणा की थी। इस पर दांगी क्षत्रिय समाज ने 29 सितंबर को कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देकर नाम परिवर्तन पर आपत्ति जताई थी।
ज्ञापन में समाज ने कहा कि सागर व जयसिंह नगर सहित क्षेत्र दांगी क्षत्रिय शासकों के अधीन रहा है। इतिहास में उनकी राजधानी गढ़पहरा थी। जय सिंह देव ने वर्ष 1679 में जयसिंह नगर स्थापित किया था, जिसे राजस्व अभिलेखों और ऐतिहासिक दस्तावेजों में जैसा नगर या जयसिंह नगर नाम से दर्ज किया गया है।
इस नाम में बदलाव की योजना समाज की विरासत और भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, अशोकपुरा कांग्रेस नेता इंदर सिंह, दांगी समाज अध्यक्ष लखन सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।