860 दिन बाद दहेज हत्या के आरोप से पति बरी: कोर्ट ने कहा- लव मैरिज पिता की मर्जी के खिलाफ हुई तो दहेज कैसे दे दिया – Bhopal News

860 दिन बाद दहेज हत्या के आरोप से पति बरी:  कोर्ट ने कहा- लव मैरिज पिता की मर्जी के खिलाफ हुई तो दहेज कैसे दे दिया – Bhopal News


दहेज हत्या के आरोपी पति, जेठ और ससुर को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। पति घटना के बाद से जेल में था। वह 860 दिन जेल में रहने के बाद बरी हुआ है। पुलिस ने पति उमाशंकर, जेठ रमाशंकर और ससुर लाल कुमार को आरोपी बनाया था। कोर्ट में यह तथ्य

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ऐसे में मृतका के पिता द्वारा शादी के बाद दहेज दिए जाने की संभावना नहीं रह जाती है। कोर्ट में मृतका के भाई और आरोपी पति उमाशंकर की कॉल रिकॉर्डिंग पेश की गई थी। इसमें भाई ने उमाशंकर से पूछा कि तुम दहेज में क्या चाहते हो? इस पर उमाशंकर ने कहा, “मैंने कभी संपत्ति मांगी है क्या तुमसे?” इस पर कोर्ट का कहना है कि इस रिकॉर्डिंग से साबित नहीं होता कि आरोपी उमाशंकर द्वारा दहेज की मांग की गई थी।

घटना 5 मई 2023 की कमलानगर थाना क्षेत्र की है। उमाशंकर ने पुलिस को सूचना दी थी कि वह कोटरा सुल्तानाबाद में किराए के मकान में रहता है। घटना की दोपहर 1:00 बजे के करीब उसकी पत्नी से बाजार जाने की बात को लेकर लड़ाई हो गई थी। इसके बाद वह घर के बाहर चौराहे पर आ गया था। इसके 15 मिनट बाद जब वह घर वापस गया, तो पत्नी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। 26 दिसंबर 2022 को उसने मृतका के साथ मंदिर में लव मैरिज की थी। जांच के बाद पुलिस ने तीनों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था। मृतका के पिता ने उमाशंकर द्वारा फांसी लगाए जाने की पुलिस को सूचना देने के बाद थाने में लिखित शिकायत की थी।

इसमें उन्होंने कहा था कि उमाशंकर, रमाशंकर और लाल कुमार उसकी बेटी के साथ मारपीट करते हैं। वे लोग दहेज में एक लाख रुपए और बोलेरो कार की मांग कर रहे थे। जिससे प्रताड़ित होकर मृतका ने फांसी लगाई थी। पुलिस ने पिता की इस शिकायत के बाद तीनों को आरोपी बनाया था। घटना के बाद मृतका के पिता की शिकायत मिलने पर पुलिस ने 23 मई 2023 को पति उमाशंकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पति कोर्ट का फैसला आने तक कुल 860 दिन जेल में रहा। ढाई साल से ज्यादा जेल में रहने के बाद उमाशंकर बरी हुए हैं। उनके पास अब न उनकी पत्नी है और न कोई और साथी। वहीं, उमाशंकर के पिता लाल कुमार 125 दिन जेल में रहे और जेठ रमाशंकर 114 दिन जेल में रहे हैं।



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